शिवसेना ने साईं बाबा के जन्म स्थान विवाद को राम और अयोध्या से जोड़ा

'सामना' में कहा गया है कि साईं बाबा के अनोखे चमत्कार हैं. बाबा ने पानी से दीपक जलाया और भभूत से लोग ठीक किया. महालसापति ने बाबा को शिर्डी में लेकर आए और उनके रहने की व्यवस्था की, तबसे बाबा ने देह त्यागने तक शिर्डी कोई अपना निवास स्थान बनाया और शिर्डी दुनिया भर के लिए तीर्थ क्षेत्र बन गया. 

शिवसेना ने साईं बाबा के जन्म स्थान विवाद को राम और अयोध्या से जोड़ा
साईं बाबा के जन्मस्थान को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है.

मुंबई: साईं बाबा (Sai Baba) के जन्म स्थान को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. महाराष्ट्र में सत्ताधारी शिवसेना के मुखपत्र सामना में कहा गया है कि कुछ इतिहासकारों का कहना है कि साईं बाबा का जन्म परभणी स्थित पाथरी में हुआ और वह पैदल चलकर शिर्डी पहुंचे. कालांतर में उन्होंने शिर्डी में समाधि ली. पाथरी भी महाराष्ट्र में और शिर्डी भी महाराष्ट्र में ही है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पाथरी के विकास के लिए 100 करोड़ की राशि देने की घोषणा की. 

मुख्यमंत्री ने पाथरी का उल्लेख खुद खोज करके नहीं किया है. पुराने जमाने के शाम चित्रकारों और इतिहासकारों ने जो लिखा उसी के संदर्भ में मुख्यमंत्री बोले. साईं बाबा संत थे और उनके बारे में जो बातें अज्ञात हैं, अज्ञात ही रहनी चाहिए. साईं बाबा शिर्डी में प्रकट हुए, उन्होंने वहां से जन्म लिया ऐसा कोई नहीं कह सकता.

'सामना' में कहा गया है कि साईं बाबा के अनोखे चमत्कार हैं. बाबा ने पानी से दीपक जलाया और भभूत से लोग ठीक किया. महालसापति ने बाबा को शिर्डी में लेकर आए और उनके रहने की व्यवस्था की, तबसे बाबा ने देह त्यागने तक शिर्डी कोई अपना निवास स्थान बनाया और शिर्डी दुनिया भर के लिए तीर्थ क्षेत्र बन गया. कुछ लोगों का मत है, पाथरी शिरडी के संत साईं बाबा का जन्म स्थान हो सकता है, ऐसा उल्लेख है. यह नया गैजेट मुख्यमंत्री ने नहीं लिखा और ना ही छपवाया है. 

शिवसेना के मुखपत्र का कहना है कि साईं के जन्म स्थान के विवाद का दोष, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को कोई ना दे. बाबा के कारण शिर्डी श्रीमंत हो गई. जो फकीर के रूप में जन्मे और फकीर के रूप में शिर्डी में अवतरित हुए, उस फकीर के जन्म स्थान को लेकर इतना विवाद क्यों? जनस्थान के विवाद से शिर्डीका महत्व कम नहीं होगा. राम अयोध्या में जन्मे, लेकिन जमीन का टुकड़ा विवादित था, फिर भी अयोध्या तो राम का ही है. छत्रपति शिवाजी महाराज शिवनेरी में जन्मे, और उन्होंने रायगढ़ को स्वराज की राजधानी बनाई, रायगढ़ तीर्थ क्षेत्र बन गया, इससे चुनरी का महत्व कम नहीं हुआ. संत साईं बाबा की जन्म स्थान को लेकर मुख्यमंत्री ने कोई विवाद नहीं पैदा किया है.

पाथरी और शिर्डी कि लोग भी विवाद पैदा ना करें. मुख्यमंत्री ने सोमवार को शिर्डी वासियों के साथ हुई बैठक में बताया कि पाथरी को साईं बाबा के जन्म स्थान के रूप में नहीं बल्कि तीर्थ क्षेत्र के रूप में विकसित करने हेतु राशि उपलब्ध कराई जाएगी. शिर्डी वासी अब संतुष्ट हैं, और उन्होंने अपना बंद वापस ले लिया है. साईं बाबा ने कहा, 'सबका मालिक एक'. साईं बाबा अवतरित हुए, उन्होंने लोगों का उद्धार किया, इसे ध्यान रखना चाहिए.