'अवनि' मामले की जांच पूर्व जस्टिस से कराए सरकार, नौटंकी न करे : शिवसेना

शिवसेना ने आदमखोर बाघिन अवनि को मारने के मामले की जांच के लिए बनी राज्य सरकार की एक समिति को नौटंकी करार दिया.

'अवनि' मामले की जांच पूर्व जस्टिस से कराए सरकार, नौटंकी न करे : शिवसेना
(फाइल फोटो)

मुंबई: शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में आदमखोर बाघिन अवनि को मारने के मामले की जांच के लिए बनी राज्य सरकार की एक समिति को नौटंकी करार दिया है. उन्होंने यहां शनिवार को जारी एक बयान में मांग की है कि बाघिन की हत्या की जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में बनी समिति से करवाई जाए. राज्य सरकार की इस बाघिन को मारे जाने को लेकर आलोचना हो रही है. माना जाता है कि यह बाघिन आदमखोर हो गयी थी और उसने पिछले दो साल में यवतमाल जिले में 13 लोगों को मार डाला था.

इस बाघिन की गत शुक्रवार को यवतमाल जिले के वन में एक अभियान में मार डाला गया. टी-1 नामक इस बाघिन को मारे जाने को लेकर वन्य पशु प्रेमियों और वन्यजीव संगठनों द्वारा काफी आलोचना की जा रही है. ठाकरे ने कहा, ‘‘ जिन लोगों ने बाघिन को मारने की ‘सुपारी’ दी, उन्हें (जांच) ही समिति का सदस्य बना दिया गया है. समिति बनाना एक नौटंकी है. 

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमला बोलते हुये उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस राज्य के वन मंत्री सुधीर मुगंतीवार का यह कह कर समर्थन करते हैं कि उन्हें इस हत्या के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता तो फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय कैसे ले सकते हैं क्योंकि उन्होंने खुद तो इसे किया ही नहीं.

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मुगंतीवार ने हालांकि जवाब देते हुये कहा कि अगर ठाकरे को लगता है कि समिति एक ‘स्वांग’ है तो राज्य सरकार शिवसेना प्रमुख की मंशा पर उनकी अध्यक्षता में ही अन्य जांच समिति बनाने को राजी है. उन्होंने कहा, ‘‘उद्धव जी भाजपा और शिवसेना गठबंधन में महत्त्वपूर्ण व्यक्ति हैं. अगर वे नहीं चाहते कि समिति उनकी अध्यक्षता में बने, तो उन्हें यह पता होना चाहिये कि मैंने पहले ही मुख्यमंत्री से कहा है कि उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश के तहत समिति बनाएं. इस मुद्दे पर निम्न स्तरीय राजनीति बेवजह की जा रही है.’’ 

राज्य सरकार ने शुक्रवार को इस मसले पर एक चार सदस्यीय समिति का गठन किया था जिसमें वन्यजीव विशेषज्ञों और अधिकारियों को शामिल किया गया है ताकि बाघिन की मौत की ‘‘गहराई’’ से जांच हो सके. समिति को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एसएच पाटिल की अध्यक्षता में गठित किया गया है. इसके अलावा इसमें वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सदस्य हबीब बिलाल, वाइल्डलाइफ कंजरवेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष अनीश अंधेरिया और अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक नितिन काकोडकर को शामिल किया गया है.

(इनपुट-भाषा)