लोकसभा चुनाव के लिए सीधा संदेश हैं पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव : शिवपाल यादव

शिवपाल यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के मिल रहे नतीजे धर्मनिरपेक्ष लोगों की जीत है.

लोकसभा चुनाव के लिए सीधा संदेश हैं पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव : शिवपाल यादव
शिवपाल ने एक सवाल पर कहा कि उनकी प्रसपा-लो आगामी लोकसभा चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है.

सम्भल (उ.प्र.): प्रगतिशील समाजवादी पार्टी-लोहिया (प्रसपा-लो) प्रमुख शिवपाल सिंह यादव ने छत्तीसगढ़ और राजस्थान समेत पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के रुझानों को धर्मनिरपेक्षता की जीत करार देते हुए आज कहा कि यह आगामी लोकसभा चुनाव के लिये सीधा संदेश है.

शिवपाल यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के मिल रहे नतीजे धर्मनिरपेक्ष लोगों की जीत है. बीजेपी के राज में जो महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार फैला है और जिस तरह जीएसटी लगाया गया है तब से देश की जनता परेशान है.

शिवपाल यादव ने कहा कि जनता बीजेपी से परेशान थी और आज पांच राज्यों की जनता ने कांग्रेस के पक्ष में जो संदेश दिया है, वह लोकसभा चुनाव के लिए सीधा पैगाम है. शिवपाल ने एक सवाल पर कहा कि उनकी प्रसपा-लो आगामी लोकसभा चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है.

जनता ने मोदी की नीतियों को नकारा: सीपीएम
सीपीएम ने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित पांच राज्यों के चुनाव में बीजेपी की हार को केन्द्र की मोदी सरकार और तीनों राज्यों में बीजेपी सरकारों की नीतियों के प्रति जनता के गुस्से का प्रकटीकरण बताया है. 

सीपीएम पोलित ब्यूरो ने मंगलवार को पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में मतगणना के रुझानों के आधार पर बीजेपी की स्पष्ट हार का हवाला देते हुये कहा कि यह मोदी सरकार द्वारा जनता पर डाले गये असहनीय बोझ के खिलाफ लोगों का गुस्सा है. 

पोलित ब्यूरो ने कहा कि बीजेपी सरकारों ने जनहित से जुड़ी नीतियों को बढ़ावा देने के बजाय जनता की परेशनियां बढ़ाते हुये सांप्रदायिक ध्रुवीकरण बढा़ने की ओर लोगों का ध्यान बांटने की कोशिश की, जिसे जनता ने नकार दिया. पार्टी ने कहा कि मुस्लिम और दलित समुदाय पर किये गये हमले से लोगों को बांटने की बीजेपी की कोशिश को जनता ने कामयाब नहीं होने दिया. 

बता दें ताजा रुझानों के मुताबिक कांग्रेस राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने के करीब दिख रही है जबकि मध्यप्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर चल रही है. हालांकि यहां भी कांग्रेस ने बीजेपी पर बढ़त बनाई हुई है.

(इनपुट - भाषा)