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2014 के बाद से देश में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं में आई कमी: गृह मंत्रालय

राज्‍यसभा में गृह राज्‍यमंत्री जी किशन रेड्डी ने बताया कि 2013 में सांप्रदायिक हिंसा की 823 वारदातें हुई थीं, जबकि 2018 में ये वारदातें घटकर 708 हो गई हैं. 

2014 के बाद से देश में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं में आई कमी: गृह मंत्रालय
गृह राज्‍यमंत्री जी किशन रेड्डी ने सदन को बताया कि अब देश में कर्फ्यू जैसे हालात नहीं बनते हैं. (फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में सरकार बनने के बाद देश में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं में तेजी से कमी आई है. गृह मंत्रालय के अनुसार, 2013 में यूपीए के शासन काल के दौरान, जहां देश में सांप्रदायिक हिंसा की 823 वारदातें सामने आई थीं. वहीं 2014 के बाद इन घटनाओं में तेजी से कमी आई है. गृह राज्‍यमंत्री जी किशन रेड्डी ने राज्‍य सभा को बताया कि 2018 में सांप्रदायिक हिंसा के 708 मामले सामने आए हैं. 

गृह राज्‍यमंत्री जी किशन रेड्डी ने सदन को बताया कि अब देश में कर्फ्यू जैसे हालात नहीं बनते हैं. इसी मुद्दे के अनुपूरक सवाल में गुलाम नबी आजाद ने देश में हो रही मॉब लिंचिंग का सवाल उठाया. जिस पर गृह राज्‍यमंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि देश में मॉब लिंचिंग का कोई सेट पैटर्न नहीं है. केरल और पश्चिम बंगाल में भी मॉब लिंचिंग हुई हैं. 

सांप्रदायिक हिंसा के मुद्दे पर अपने लिखित जवाब में गृह मंत्रालय ने कहा है कि सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं में तेजी से गिरावट देखी गई है. संविधान के प्रावधानों के अनुसार 'लोक व्‍यवस्‍था' और 'पुलिस' राज्‍य का विषय हैं. सांप्रदायिक हिंसा से निपटने समेत कानून और व्‍यवस्‍था को बनाए रखने तथा आंकड़ों के रख रखाव का उत्‍तरदायित्‍व राज्‍य सरकारों का है.

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गृह मंत्रालय ने अपने लिखित जवाब में कहा है कि केंद्र सरकार देश में आंतरिक सुरक्षा तथा कानून-व्‍यवस्‍था की स्थिति पर नजर रखती है. शांति और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने के लिए समय-समय पर उपयुक्‍त परामर्श पत्र जारी करती है. कानून और व्‍यवस्‍था बनाए रखने में राज्‍य सरकारों की मदद और सहायता के लिए केंद्र सरकार केंद्रीय सशस्‍त्र पुलिस बलों की तैनाती भी करती है.