एनआईटी श्रीनगर में हालात अब भी तनावपूर्ण, छात्रों ने किया प्रदर्शन

श्रीनगर स्थित एनआईटी में गुरुवार को भी हालात तनावपूर्ण रहे और दूसरे प्रदेशों के छात्रों के एक छोटे से समूह ने इंस्टीट्यूट को कश्मीर घाटी से बाहर ले जाने की मांग करते हुए परिसर के अंदर ही प्रदर्शन किया।

एनआईटी श्रीनगर में हालात अब भी तनावपूर्ण, छात्रों ने किया प्रदर्शन

श्रीनगर : श्रीनगर स्थित एनआईटी में गुरुवार को भी हालात तनावपूर्ण रहे और दूसरे प्रदेशों के छात्रों के एक छोटे से समूह ने इंस्टीट्यूट को कश्मीर घाटी से बाहर ले जाने की मांग करते हुए परिसर के अंदर ही प्रदर्शन किया।

अधिकारियों ने बताया कि दूसरे प्रदेशों की छात्राओं ने इंस्टीट्यूट को कश्मीर घाटी से बाहर ले जाने की अपनी मांग के समर्थन में ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते हुए परिसर में प्रदर्शन किया। इस बीच, जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक के. राजेन्द्र कुमार इंस्टीट्यूट में हालात का जायजा लेने एनआईटी पहुंचे। दूसरे प्रदेशों के छात्रों के प्रदर्शन का यह तीसरा दिन है। प्रदर्शनकारी उनपर लाठी चार्ज करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका यह भी आरोप है कि इंस्टीट्यूट के कुछ संकाय सदस्य गैर-स्थानीय छात्रों को कथित रूप से परेशान कर रहे हैं।

 

आंदोलनकारी छात्रों ने मांग की है कि एनआईटी के कुछ स्टाफ सदस्यों को इस्तीफा देना चाहिए ताकि ‘वे किसी छात्र के केरियर से खिलवाड़ नहीं कर सकें।’ संकाय सदस्यों ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा कि वे अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से स्तब्ध हैं। एक संकाय सदस्य ने कहा कि आरोप स्तब्ध करने वाले हैं। बस रेकॉर्ड की जांच करें और आप पाएंगे कि गैर-स्थानीय छात्र का परीक्षाओं में प्रदर्शन बेहतर है। हम उनके प्रति उदार हैं।

बहरहाल, संकाय सदस्य ने कहा कि एनआईटी संकाय इस प्रतिष्ठित संस्थान के स्तर को गिरने नहीं देगा। उन्होंने कहा कि हम उन्हें पास नहीं कर सकते जो पढ़ाई में पिछड़ रहे हैं। :संस्थान का: न्यूनतम स्तर बनाए रखना होगा। विश्व कप टी20 में वेस्टइंडीज के हाथों भारत की हार के बाद एनआईटी में हुई झड़प के बाद हालात का जायजा लेने कल केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने अपनी एक टीम भेजी थी। छात्रों ने केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की टीम के सामने कई मांगें रखीं जिनमें एनआईटी को कश्मीर से बाहर ले जाने, पुलिस कर्मियों और संकाय सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करने और एनआईटी परिसर में मंदिर का निर्माण करना शामिल है।