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स्मृति ईरानी : पढ़िए, एक मॉडल से केंद्रीय मंत्री तक का सफर...

'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में काम करने के दौरान तुलसी की असल जिंदगी में कई बदलाव आए. इस दौरान उनकी शादी जुबिन ईरानी के साथ हुई और वह स्मृति मल्‍होत्रा से स्मृति ईरानी बन गईं. दो बच्चों की मां बनने के बाद भी स्मृति की सीरियल में बतौर तुलसी लोकप्रियता कम नहीं हुई.

स्मृति ईरानी : पढ़िए, एक मॉडल से केंद्रीय मंत्री तक का सफर...
स्मृति ने 1998 में ग्लैमर की दुनिया में कदम रखा. (file pic)

नई दिल्‍ली : प्रधानमंत्री मोदी ने स्मृति ईरानी पर फिर से भरोसा जताते हुए उन्‍हें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का अतिरिक्‍त प्रभार दिया है. अभी उनके पास कपड़ा मंत्रालय की भी जिम्‍मेदारी है. इस तरह उनके पास दो विभागों की जिम्‍मेदारी हो गई है. मॉडलिंग से अपना करियर शुरू करने वाली स्मृति ईरानी के पास आज सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय जैसे अहम विभाग की जिम्‍मेदारी है. 

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दिल्‍ली में हुआ था जन्‍म

छोटे पर्दे पर 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में तुलसी का किरदार निभाने वाली स्मृति घर-घर में छा गईं. हर महिला तुलसी जैसी बहू की कामना करने लगी. लेकिन उन्‍हें यह दुनिया रास नहीं आई और उन्‍होंने राजनीति का रुख कर लिया. स्मृति का जन्म 23 मार्च 1976 को दिल्ली में हुआ था और उन्होंने दिल्ली में ही पढ़ाई की, स्कूल में स्मृति काफी होनहार छात्र मानी जाती थी.

सौंदर्य प्रसाधन भी बेचे

स्मृति अपने स्कूल में स्पोटर्स टीम की कप्‍तान हुआ करती थीं. 10वीं की परीक्षा पास करने के बाद ही स्मृति ने काम करना शुरू कर दिया था. खुद स्मृति ने एक इंटरव्‍यू में इस बात को स्‍वीकार किया है कि उन्‍होंने अपने पिता की मदद करने के लिए कम उम्र में ही काम करना शुरू कर दिया था, पहले वो सौंदर्य प्रसाधनों को बेचा करती थीं.

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मिस इंडिया में प्रतियोगिता में हिस्सा लिया

परिवार की रुढ़ीवादी परंपरा से अलग हटकर स्मृति ने 1998 में ग्लैमर की दुनिया में कदम रखा, उन्होंने 1998 में मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, लेकिन फाइनल तक नहीं पहुंच पाईं. इसके बाद स्मृति ने मुंबई जाकर एक्टिंग में करियर बनाने की कोशिश की. इन दिनों स्मृति को मीका के एलबम में काम करने का मौका मिला, इस एलबम के बाद स्मृति को सीरियल में छोटे रोल मिले.

'तुलसी' बनने का किस्‍सा

इसके बाद उनकी किस्‍मत ने दरवाजा खटखटाया और एकता कपूर ने उन्हें अपने सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में तुलसी के किरदार के लिए ऑफर दिया. तुलसी बनकर स्मृति हर घर में छा गईं, एक आदर्श बहू के रूप में उनको इतना पसंद किया जाने लगा कि लोग इस सीरियल के दीवाने हो गए. तुलसी के किरदार और इस सीरियल की कामयाबी के कारण ही यह सीरियल आठ साल तक छोटे पर्दे पर छाया रहा.

जुबिन से विवाह बंधन में बंधी

'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में काम करने के दौरान तुलसी की असल जिंदगी में कई बदलाव आए. इस दौरान उनकी शादी जुबिन ईरानी के साथ हुई और वह स्मृति मल्‍होत्रा से स्मृति ईरानी बन गईं. दो बच्चों की मां बनने के बाद भी स्मृति की सीरियल में बतौर तुलसी लोकप्रियता कम नहीं हुई.

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राजनीति में प्रवेश

छोटे परदे पर दमदार रोल निभाने के बाद स्मृति ने 2003 में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की. इसके बाद उन्‍होंने दिल्ली की चांदनी चौक संसदीय सीट से चुनाव लड़ा. लेकिन कांग्रेस के उम्मीदवार कपिल सिब्बल के सामने वह हार गईं. 2004 में उन्हें नई जिम्‍मेदारी दी गई और महाराष्ट्र यूथ विंग का उपाध्यक्ष बनाया गया. उन्हें पार्टी ने पांच बार केंद्रीय समीति के कार्यकारी सदस्य के रुप में मनोनीत किया और राष्ट्रीय सचिव के रूप में भी नियुक्त किया.

महिला मोर्चा की कमान

2010 में स्मृति को बीजेपी महिला मोर्चा की कमान सौंपी गई, 2011 में उन्‍हें गुजरात से राज्यसभा सांसद चुना गया. 2014 में स्मृति ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी संसदीय सीट से चुनाव लड़ा और उन्हें कड़ी चुनौती दी, हालांकि स्मृति ये चुनाव हार गईं. लोस चुनाव हारने के बाद बीजेपी सरकार में उन्‍हें सीधे कैबिनेट मंत्री का दर्जा देकर मानव संसाधन जैसा अहम मंत्रालय दिया गया.

शैक्षणिक योग्यता पर सवाल

ईरानी ने 26 मई को मानव संसाधन मंत्री के तौर पर शपथ ली थी, लेकिन कांग्रेस ने उनकी शैक्षणिक योग्यता को लेकर सवाल खड़े कर दिए थे. इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे मानव संसाधन मंत्रालय लेकर उन्‍हें कपड़ा मंत्रालय की जिम्‍मेदारी दे दी. अब फिर से पीएम मोदी ने स्मृति ईरानी को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की जिम्‍मेदारी दे दी है.