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कश्मीर में बर्फबारी थमी, पीछे छोड़ गई बर्बादी

 पिछले 48 घंटों में कश्मीर में 4 फ़ीट बर्फ़बारी हुई है, जिसके चलते 7 लोगों की जान चली गई है. 200 से ज़ियादा मकानों को नुकसान हुआ है और हजारों पेड़ उखड़ गए हैं. कश्मीर घाटी में नवंबर के महीने में हुई बेवक्त भारी बर्फबारी ने भले ही वादी की खूबसूरत बढ़ा दी है, लेकिन इससे लोगों के सामने मुसीबतों का पहाड़ खड़ा हो गया है. 

कश्मीर में बर्फबारी थमी, पीछे छोड़ गई बर्बादी

श्रीनगर: कश्मीर में बर्फ़बारी तो थम गई है, मगर अपने पीछे बर्बादी छोड़ गई है. श्रीनगर सहित पूरी घाटी में बिजली गुल है और राष्ट्रीय राजमार्ग और बांध, हवाई यातायात टप्प हो गई है. पिछले 48 घंटों में कश्मीर में 4 फ़ीट बर्फ़बारी हुई है, जिसके चलते 7 लोगों की जान चली गई है. 200 से ज़ियादा मकानों को नुकसान हुआ है और हजारों पेड़ उखड़ गए हैं. कश्मीर घाटी में नवंबर के महीने में हुई बेवक्त भारी बर्फबारी ने भले ही वादी की खूबसूरत बढ़ा दी है, लेकिन इससे लोगों के सामने मुसीबतों का पहाड़ खड़ा हो गया है. बर्फबारी की वजह से घाटी में 7 लोगों की जान चली गई और बर्फबारी के चलते 200 से अधिक मकानों को भी नुकसान पहुंचा है. घाटी के उत्तरी और दक्षिणी कश्मीर के ऊपरी इलाकों में करीब 5 फीट बर्फबारी रिकॉर्ड हुई है. हजारों की संख्या में पेड़ों और बिजली के खंभों को भी नुकसान पहुंचा है. कई जगहों पर तो सड़कों पर पेड़ जड़ों से उखड़कर सड़कों गिरे पड़े दिखे.

दक्षिणी और उत्तरी कश्मीर में जहां सेब के पेड़ों और उसपर लगे सेबों को काफी नुकसान पहुंचा है. शोपियां ज़िले के सेब उद्योग से जुड़े एक किसान ग़ुलाम रसूल ने बताया कि अभी पेड़ों पर करीब 40 प्रतीशत फल लगे हुए हैं. उम्मीद से पहले हुई भीषण बर्फबारी के कारण फलों को काफी नुकसान पहुंचा है. पेड़ों से फल उतारे भी गए थे उन्हें भी नुकसान पहुंचा है, क्योंकि पेड़ों पर अभी काफी फल मौजूद थे और बर्फ के कारण पेड़ों की टहनियों पर बढ़े वजज से पेड़ टूट गए. एक अनुमान के तहत सेब की खेती से जुड़े लोगों को पूरी घाटी में करोड़ों का नुकसान हुआ है.

वहीं पिछले करीब 48 घंटे से अधिक समय से पूरी घाटी अंधेरे में है. इसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. विशेष रूप से भीषण ठंड का सामना करने में दिक्कत आ रही है. वहीं बिजली विभाग के लिए घाटी में बिजली की सप्लाई को बहाल करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. 

बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर हशमत क़ाज़ी ने बताया कि बर्फबारी के चलते बिजली की तारों और खंबों को काफी नुकसान पहुंचा है. कई जगहों पर तारों पर पेड़ों की टहनियां गिरने से तारें कट गई हैं. उन्होंने बताया कि आज सुबह बर्फबारी रुकने के साथ ही हमारे विभाग के कर्मचारी काम पर लग गए थे और शाम तक हमने करीब 70 से 80 प्रतीशत नुकसान की बहाली कर दी है और उम्मीद करते हैं कि सभी बहाली के कार्य शनिवार सुबह तक ठीक किए जाएंगे. प्रशासन ने उम्मीद जताई कि शनिवार दोपहर तक घाटी के अधिकतर इलाकों में बिजली की बहाली कर दी जाएगी.

इस बीच गुरुवार देर रात को बर्फबारी थमने के बाद ही प्रशासन हरकत में आ गई और रेस्टोरेशन का काम शुरू कर दिया गया. शुक्रवार सुबह डिवीज़नल कमिश्नर की अगुवाई में प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने घाटी का दौरा किया और हो रहे कार्यों का जाएजा लिया. कश्मीर के डिवीज़नल कमिश्नर बसीर खान ने बताया कि सभी मुख्य सड़कों पर से बर्फ हटाने का काम पूरा कर दिया गया है और उम्मीद है कि अंदरूनी सड़कों को भी जल्द क्लियर किया जाएगा. 

उन्होंने बताया कि अस्पतालों में भी सभी प्रबंध किए गए हैं, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो. खान के अनुसार कई जगहों पर पेड़ गिरने से काफी नुकसान पहुंचे हैं. बिजली विभाग की मदद में होम गार्ड और एसडीआरएफ़ के करीब 2500 जवान अलग अलग टोलियों में रेस्टोरेशन का कार्य कर रहे हैं. इनके पास आधुनिक उपकरण हैं, जिससे करीब 3 दिन में पूरा होना काम जल्द पूरा किया जाएगा. बर्फबारी से हुई मौतों और पहुंचे नुकसान की जल्द बरपाई की जाएगी. नियमों के तहत सेब उदद्योग के हुए नुकसान का भी आंकलन किया जाएगा और नुकसान पहुंचाया जाएगा.

कश्मीर को देश के अन्य राज्यों के साथ जोड़ने वाले श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी भूस्खलन के चलते घाटी का संपर्क कटा हुआ है. श्रीनगर-लेह राजमार्ग, मुग़ल रोड, राजधान टॉप, साधना टॉप, आदि भी बर्फबारी के चलते बंद कर दिये गए हैं. साथ ही कई अंदरूनी रास्ते भी अभी भी बंद हैं. वही लगातार दूसरे दिन भी श्रीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से किसी भी उड़ान की लैंडिंग व टेक-ऑफ नहीं हो पाया है. पूरी कोशिश की जा रही है जल्द से जल्द रनवे क्लियर करने की.