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सोहराबुद्दीन मामला: अमित शाह को मिली क्लीनचिट के खिलाफ अर्जी SC ने की खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ मामले में भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह को आरोपमुक्त किए जाने को चुनौती देने वाली एक याचिका आज खारिज कर दी।

सोहराबुद्दीन मामला: अमित शाह को मिली क्लीनचिट के खिलाफ अर्जी SC ने की खारिज

नयी दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ मामले में भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह को आरोपमुक्त किए जाने को चुनौती देने वाली एक याचिका आज खारिज कर दी।

पूर्व अफसरशाह और सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंडेर की ओर से दायर याचिका पर लगभग आधे घंटे तक सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति एस ए बोबड़े और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने इस मामले को खारिज कर दिया। मंडेर ने बंबई हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत निचली अदालत द्वारा भाजपा अध्यक्ष को आरोप मुक्त किए जाने का फैसला बरकरार रखा गया था।

शाह को राहत देते हुए पीठ ने कहा, ‘जब कोई व्यक्ति वाकई व्यथित हो तो मुद्दा एक अलग रंग लेता है लेकिन जब किसी व्यक्ति का दूर-दूर तक संपर्क न हो और वह मामले को पुनर्जीवित करना चाहता हो तो यह एक अलग मसला है।’ वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने मंडेर का पक्ष रखते हुए कहा, ‘जनता को यह महसूस होना चाहिए कि कोई भी कानून से उपर नहीं है।’

याचिका में मंडेर ने मुंबई सत्र अदालत के 30 दिसंबर 2014 के उस आदेश को निरस्त करने की मांग की थी, जिसमें अदालत ने शाह को इस मामले में क्लीन चिट दे दी थी। याचिकाकर्ता ने शाह को तुलसीराम प्रजापति हत्या मामले से आरोपमुक्त करने से जुड़े सत्र अदालत के निष्कर्षों पर सवाल उठाया था। इन निष्कर्षों को उच्च न्यायालय ने भी सही ठहराया था। अदालत ने कहा था कि शाह के खिलाफ ‘कोई मामला नहीं’ बनता और उन्हें ‘राजनीतिक कारणों’ के चलते फंसाया गया था।

मंडेर ने सत्र अदालत के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में दस्तक दी थी। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को इस साल मार्च में खारिज कर दिया था। सोहराबुद्दीन नामक गैंगस्टर को वर्ष 2005 में उसकी पत्नी कौसर बी के साथ मार गिराया गया था। तुलसीराम इस गैंगस्टर का सहायक था और मुठभेड़ का चश्मदीद था। वह भी कथित तौर पर पुलिस के हाथों वर्ष 2006 में मारा गया था।