राज्‍यसभा चुनाव: यदि BSP प्रत्‍याशी नहीं जीता तो क्‍या उसके बाद भी SP से होगा गठबंधन?

बसपा ने सपा के पक्ष में वोटों का ट्रांसफर कराकर उसको जिता दिया लेकिन बदले में सपा क्‍या बसपा के एक प्रत्‍याशी को राज्‍यसभा पहुंचाने में कामयाब हो पाएगी? यदि ऐसा नहीं हो पाया और बसपा का प्रत्‍याशी राज्‍यसभा चुनाव हार गया तो सपा-बसपा के संभावित गठबंधन पर विराम भी लग सकता है.

राज्‍यसभा चुनाव: यदि BSP प्रत्‍याशी नहीं जीता तो क्‍या उसके बाद भी SP से होगा गठबंधन?
बीएसपी प्रमुख मायावती ने सपा नेता अखिलेश यादव के प्रत्‍याशियों को गोरखपुर और फूलपुर में समर्थन देने का ऐलान किया था.(फाइल फोटो)

गोरखपुर और फूलपुर में सपा-बसपा तालमेल की बदौलत बीजेपी की हार के बाद इन दोनों पार्टियों के बीच आगामी आम चुनावों में गठबंधन के कयास लगाए जा रहे हैं? हालांकि बसपा सुप्रीमो मायावती ने पहले ही स्‍पष्‍ट कर दिया था कि उपचुनाव और राज्‍यसभा चुनावों तक ही फिलहाल यह तालमेल है. उपचुनावों में तो कहा जा रहा है कि बसपा ने सपा के पक्ष में वोटों का ट्रांसफर कराकर उसको जिता दिया लेकिन बदले में सपा क्‍या बसपा के एक प्रत्‍याशी को राज्‍यसभा पहुंचाने में कामयाब हो पाएगी? यदि ऐसा नहीं हो पाया और बसपा का प्रत्‍याशी राज्‍यसभा चुनाव हार गया तो सपा-बसपा के संभावित गठबंधन पर विराम भी लग सकता है.

दूसरी बात, बीजेपी भी इस बात को जानती है कि आगामी चुनावों में दोनों दल एक साथ आ गए तो यूपी में उसको बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा. वह यह भी जानती है कि बसपा के लिए यह राज्‍यसभा सीट प्रतिष्‍ठा का प्रश्‍न बन गई है और इसमें जीत के बाद ही सपा-बसपा गठबंधन की राह आसान होगी? ऐसे में वह किसी भी सूरत में इस 10वीं सीट को आसानी से सपा-बसपा के हाथ में नहीं जाने दे सकती.

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दरअसल संख्‍याबल के लिहाज से राज्‍यसभा की 10 सीटों में से 8 पर बीजेपी का जीतना तय है. नौवीं सीट पर सपा प्रत्‍याशी जया बच्‍चन भी आसानी से जीत जाएंगी लेकिन 10वीं सीट के लिए बसपा के प्रत्‍याशी को जद्दोजहद करनी पड़ रही है. राज्‍यसभा के लिए 37 वोटों की दरकार है. सपा के बचे हुए 10 वोट, बसपा के 19, कांग्रेस के 7 और रालोद के 1 वोट की बदौलत अपेक्षित 37 वोटों का गणित बसपा के पक्ष में तो बनता है लेकिन यहीं पर क्रॉस वोटिंग के खेल से इनकार नहीं किया जा सकता.

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नरेश अग्रवाल फैक्‍टर
ऐसा इसलिए क्‍योंकि कुछ दिन पहले नरेश अग्रवाल ने सपा छोड़कर बीजेपी ज्‍वाइन कर ली. सूत्रों के मुताबिक उन्‍होंने बीजेपी को आश्‍वस्‍त किया है कि उनका विधायक बेटा नितिन, बीजेपी के पक्ष में मतदान करेगा. दूसरी तरफ निषाद पार्टी के महासचिव और ज्ञानपुर से विधायक विजय मिश्र ने बीजेपी को वोट देने की बात कह दी है. उनकी घोषणा इसलिए दिलचस्‍प है क्‍योंकि निषाद पार्टी के संस्‍थापक के पुत्र प्रवीण निषाद ने सपा के टिकट पर गोरखपुर की सीट जीती है.

उल्‍लेखनीय है कि बीजेपी के आठ प्रत्‍याशियों के जीतने के बाद भी पार्टी के पास 28 वोट बच रहे हैं. ऐसे में पार्टी को अपने प्रत्‍याशी को जिताने के लिए नौ वोटों की दरकार है. इसलिए सत्‍ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोड़-तोड़ का गेम शुरू हो चुका है. लेकिन इसमें सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्‍या यदि बसपा प्रत्‍याशी हार जाता है तो भी क्‍या सपा के साथ आगे गठबंधन मायावती बनाएंगी? ये देखना दिलचस्‍प होगा. उल्‍लेखनीय है कि 23 मार्च को राज्‍यसभा चुनाव के लिए मतदान होगा.

23 मार्च को होंगे चुनाव
इस बीच चुनाव आयोग द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार संसद के उच्च सदन की 16 राज्यों में खाली हो रही 58 सीटों के लिये निर्वाचन प्रक्रिया पिछले पांच मार्च को चुनाव अधिसूचना जारी होने के साथ शुरू हो गई है. इन सीटों पर चुनाव के लिये 23 मार्च को मतदान कराया जायेगा और उसी दिन मतगणना भी होगी.

इसी के साथ केरल से राज्यसभा की एक सीट के लिये उपचुनाव भी होगा. यह सीट जदयू सदस्य एमपी वीरेन्द्र कुमार के गत वर्ष 20 दिसंबर को इस्तीफे के कारण रिक्त हुई थी. आयोग द्वारा प्राप्त जानकारी के मुताबिक 13 राज्यों से 50 राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल आगामी दो अप्रैल को, दो राज्यों (उड़ीसा और राजस्थान) से छह राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल तीन अप्रैल और झारखंड से दो सदस्यों का कार्यकाल तीन मई को समाप्त हो रहा है.

इनमें उत्तर प्रदेश से सर्वाधिक 10 सदस्यों का कार्यकाल दो अप्रैल को खत्म हो रहा है. वहीं महाराष्ट्र और बिहार से छह-छह, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल से पांच-पांच तथा गुजरात और कर्नाटक से चार चार सदस्यों का कार्यकाल इसी दिन पूरा होगा. आयोग ने स्पष्ट किया कि मतपत्रों के माध्यम से होने वाले मतदान के दौरान मतदाताओं को निर्वाचन केंद्र पर मौजूद निर्वाचन अधिकारी द्वारा खास पेन मुहैया कराया जायेगा. मतदाता सिर्फ इसी पेन से अपनी पसंद के उम्मीदवार को मत दे सकेंगे. किसी अन्य पेन के इस्तेमाल वाले मतपत्र को अमान्य श्रेणी में रखा जायेगा.