SP के 'बागी' को CM योगी का आशीर्वाद, BJP के समर्थन से मिलने जा रही ये कुर्सी!
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SP के 'बागी' को CM योगी का आशीर्वाद, BJP के समर्थन से मिलने जा रही ये कुर्सी!


14 वर्षों बाद उत्तर प्रदेश में विधान सभा उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव होने जा रहा है. सपा के बागी विधायक नितिन अग्रवाल ने बीजेपी के समर्थन से नॉमिनेशन फाइल कर दिया है. 

 

SP के 'बागी' को CM योगी का आशीर्वाद, BJP के समर्थन से मिलने जा रही ये कुर्सी!

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान सभा उपाध्यक्ष पद के चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के घोषित उम्मीदवार नरेंद्र सिंह वर्मा और पार्टी के बागी विधायक नितिन अग्रवाल (Nitin Agrawal) ने अपना-अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. राज्य विधान सभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे (Pradeep Dubey) ने बताया कि वोटिंग सोमवार को होगी.

बीजेपी का नितिन को समर्थन

बता दें कि परंपरागत तौर पर मुख्य विपक्षी दल के विधायक को ही विधान सभा उपाध्यक्ष बनाया जाता रहा है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सपा के बागी विधायक नितिन अग्रवाल (Nitin Agrawal) को समर्थन दिया है. नितिन अग्रवाल के पिता एवं पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल 2019 के लोक सभा चुनाव से पहले सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हो गये थे. नितिन अग्रवाल द्वारा नामांकन पत्र दाखिल करने के समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh) के अलावा नरेश अग्रवाल (Naresh Agrawal) भी मौजूद थे.

14 वर्षों बाद हो रहा चुनाव

नितिन ने बताया कि 'मैंने चार सेट नामांकन पत्र दाखिल किया है और जिन लोगों ने मेरा नाम प्रस्तावित किया है, उनमें राकेश सिंह (हरचंदपुर से कांग्रेस विधायक), अनिल सिंह (पुरवा से बहुजन समाज पार्टी विधायक), संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, राज्‍य मंत्री छत्रपाल सिंह गंगवार, और विधायक राजपाल वर्मा शामिल हैं.’ उत्तर प्रदेश में विधान सभा उपाध्यक्ष का चुनाव 14 वर्षों बाद हो रहा है. भाजपा के राजेश अग्रवाल को इस पद के लिए जुलाई 2004 में निर्विरोध चुना गया था और उनका कार्यकाल मई 2007 तक था. इसके बाद, विधान सभा उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं हुआ था.

बीजेपी में शामिल नहीं हुए हैं नितिन

हरदोई के विधायक नितिन अग्रवाल ने अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद कहा कि विधान सभा का उपाध्‍यक्ष चुने जाने के बाद वह संविधान के प्रावधानों के अनुसार अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि औपचारिक रूप से भाजपा में उनका शामिल होना अभी बाकी है. वहीं, नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद सपा के घोषित उम्मीदवार नरेंद्र सिंह वर्मा ने पत्रकारों से कहा,'मैं सपा का उम्मीदवार हूं और परंपरा के अनुसार विधान सभा उपाध्यक्ष का पद मुख्य विपक्षी दल को मिलता है, इसलिए यह हमें मिलना चाहिए.' नितिन अग्रवाल के संबंध में उन्होंने कहा कि वह हमारे छोटे भाई हैं, वह सपा के टिकट पर चुनाव जीते और चुनाव जीतने के बाद उन्होंने सपा के खिलाफ काम करना शुरू कर दिया.

(INPUT: भाषा)

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