आडवाणी जी से बात हुई, दुख है कि किस तरह उनसे और जोशी जी से व्यवहार हुआ: ममता

ममता बनर्जी ने कहा, 'यह वास्तव में दुखद है कि बीजेपी अपने संस्थापक सदस्यों से ऐसा व्यवहार कर रही है.

आडवाणी जी से बात हुई, दुख है कि किस तरह उनसे और जोशी जी से व्यवहार हुआ: ममता
ममता बनर्जी ने कहा, 'आज सुबह मैंने आडवाणी जी से बात की. मैंने उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा. उन्होंने कहा कि उन्हें अच्छा लगा कि मैंने उन्हें फोन किया.' (फोटो साभार - IANS)

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के साथ ‘बुरा व्यवहार’ होने की बुधवार को आलोचना की और कहा कि यह देखना ‘वास्तव में दुखद’ है कि पार्टी संस्थापकों से किस तरह से व्यवहार हो रहा है.

ममता बनर्जी ने कहा, 'आज सुबह मैंने आडवाणी जी से बात की. मैंने उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा. उन्होंने कहा कि उन्हें अच्छा लगा कि मैंने उन्हें फोन किया.' 

तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ने कहा, 'यह वास्तव में दुखद है कि बीजेपी अपने संस्थापक सदस्यों से ऐसा व्यवहार कर रही है. मैं ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहती हूं क्योंकि यह पार्टी का अंदरूनी मामला है.' आडवाणी और जोशी को आगामी लोकसभा चुनावों के लिए उनके राज्यों से टिकट नहीं दिया गया है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मैं भी चौकीदार’ अभियान की तरफ इशारा करते हुए बनर्जी ने कहा कि वास्तविक चौकीदारों का वह काफी सम्मान करती हैं न कि राजनीतिक चौकीदारों का जो इससे ‘राजनीतिक लाभ’ लेना चाहते हैं.

ममता ने साधा पीएम मोदी पर निशाना 
वहीं ममता बनर्जी ने बुधवार को एंटी-सैटेलाइट (ए-सैट) मिसाइल क्षमता के सफल प्रदर्शन के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से की गई घोषणा को लेकर उन पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकसभा चुनावों से पहले 'राजनीतिक फायदा लेने के लिए की गई यह एक और बेइंतहा नौटंकी' है।

इसे आदर्श आचार संहिता का घोर उल्लंघन करार देते हुए ममता ने कहा कि अपनी 'एक्सपायरी डेट' बीत जाने के बाद सरकार द्वारा इस मिशन की घोषणा की कोई जल्दबाजी नहीं थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह 'यह भाजपा की डूबती नैया बचाने वाले ऑक्सीजन' की तरह लग रहा है। 

ममता ने कहा कि वह इस बाबत चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराएंगी। उन्होंने कहा, 'भारत का मिशन कार्यक्रम कई सालों से विश्व-स्तरीय है। हमें अपने वैज्ञानिकों, डीआरडीओ, अन्य अनुसंधान एवं अंतरिक्ष संगठनों पर हमेशा से गर्व रहा है।' 

ममता ने कहा कि अनुसंधान, अंतरिक्ष प्रबंधन और विकास एक सतत प्रक्रिया है जो वर्षों तक चलती है और 'हमेशा की तरह मोदी हर चीज का श्रेय लेना चाहते हैं।' उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि का श्रेय हमारे वैज्ञानिकों एवं अनुसंधान करने वालों को दिया जाना चाहिए, क्योंकि वह इसके असल हकदार हैं।