ड्रग्स केस में जांच अधिकारी को दिया गया बयान अदालत में मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ड्रग्स और नारकोटिक्स मामले की जांच कर रहे अधिकारी, पुलिस अधिकारी हैं, इसलिए सेक्शन 67 के तहत उसके सामने दिया गया बयान कोर्ट में सबूत के तौर पर नहीं रखा जा सकता.

ड्रग्स केस में जांच अधिकारी को दिया गया बयान अदालत में मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को कहा कि नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत नियुक्त किए गए केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के अधिकारियों द्वारा दर्ज बयान कोर्ट में मान्य नहीं होंगे. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से आगे आने वाले कई मामले प्रभावित होंगे.

सेक्शन 67 के तहत नहीं माना जाएगा सबूत
कोर्ट ने कहा कि ड्रग्स और नारकोटिक्स मामले की जांच कर रहे अधिकारी, पुलिस अधिकारी हैं, इसलिए सेक्शन 67 के तहत उसके सामने दिया गया बयान, कोर्ट में सबूत के तौर पर नहीं रखा जा सकता.

कोर्ट ने 2-1 से सुनाया फैसला
तीन जजों ने बेंच ने यह फैसला 2-1 से सुनाया. जस्टिस रोहिंटन एफ. नरीमन और जस्टिस नवीन सिन्हा ने यह फैसला दिया कि नारोटिक्स अधिकारी के सामने दिया गया बयान कोर्ट में मान्य नहीं होगा, जबकि जस्टिस इंदिरा बनर्जी ने असहमति व्यक्त की.

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