असम में जादू-टोने के आरोप में 18 साल में 161 लोगों ने गंवाई जान

जादू टोना की समस्या राज्य के सभी 17 जिलों में व्याप्त है.

असम में जादू-टोने के आरोप में 18 साल में 161 लोगों ने गंवाई जान
कोकराझार में 45 लोगों की इस कुरीति की वजह से जान गई है. (फोटो साभार: DNA)

गुवाहाटी: असम की समाज कल्याण मंत्री प्रमिला रानी ब्रह्मा ने शुक्रवार को असम विधानसभा को सूचित किया कि राज्य में बीते 18 बरस में जादू-टोना और अन्य तरह की अंध-विश्वास से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 161 लोगों की मौत हुई है.

ब्रह्मा ने कहा कि 2001 से राज्य में जादू टोने के 133 मामले दर्ज किए गए हैं. उन्होंने बताया कि जादू टोना की समस्या राज्य के सभी 17 जिलों में व्याप्त है. इस सूची में कोकराझार अव्वल है, जहां 45 लोगों की इस कुरीति की वजह से जान गई है. इसके बाद चिरांग में 24 और गोआलपारा में 17 लोगों की मौत हुई है.

पार्टी लाइन से ऊपर उठकर सदन के सदस्यों ने सरकार से इस सामाजिक कुरीति के खिलाफ जागरूकता पैदा करने और इसके पीड़ितों की मदद करने के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया.

ब्रह्मा ने विभिन्न सदस्यों के सुझावों पर कहा कि सरकार जादू टोने के पीड़ितों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने के विकल्प पर विचार कर रही है. उन्होंने विधायकों से अनुरोध किया कि वे सामाजिक बुराई से लड़ने वाले एनजीओ का समर्थन करें. कांग्रेस विधायक दुर्गा भूमि ने कहा कि अंधविश्वास के कारण लोगों से अमानवीय सलूक किया जाता है.

(इनपुट भाषा से)