रंग लाई मुहिम, पुणे के कांजरभाट समाज में पहली बार बिना वर्जिनिटी टेस्ट हुई शादी

वर्जिनिटी टेस्ट के खिलाफ विवेक ने 'स्टॉप द वी रिच्युअल' नाम का फेसबुक पेज तैयार किया था. जिसके जरिए उनका मकसद समाज में चल रही इस अनिष्ट प्रथा से महिलाओं को निजात दिलाना था.

रंग लाई मुहिम, पुणे के कांजरभाट समाज में पहली बार बिना वर्जिनिटी टेस्ट हुई शादी

पिंपरी में रहनेवाले विवेक तामयचिकर ने अपने ही कांजरभाट समाज के खिलाफ लड़ाई जीती है. विवेक तामचिकर ने बिना वर्जिनिटी टेस्ट के शादी कर ली है. 12 मई को विवेक विवाहबंधन में बंध गए जहाँ अब उनके पत्नी की कौमार्य टेस्ट नहीं होगा. कांजरभाट समाज में वर्जिनिटी टेस्ट करना अनिवार्य है, जिसके खिलाफ पिछले छह महीने से विवेक लड़ रहे थे. उन्होंने अपने समाज के खिलाफ की लड़ाई को ग्लोबल बनाया. वर्जिनिटी टेस्ट के खिलाफ विवेक ने 'स्टॉप द वी रिच्युअल' नाम का फेसबुक पेज तैयार किया था. जिसके जरिए उनका मकसद समाज में चल रही इस अनिष्ट प्रथा से महिलाओं को निजात दिलाना था. विवेक की शादी ऐश्वर्या भाट से तय हुई थी. दोनों ही कांजरभाट समाज से आते है, लेकिन उन्हे वर्जिनिटी टेस्ट मंजूर नहीं था. 

फेसबुक पेज महज छह महीने में एक पुरी सोशल मुहिम बन गया. समाज के हर स्तर पर इसकी चर्चा होने लगी. इस बारे में आवाज उठाने वाले विवेक और उनके समर्थकों पर पिंपरी में हमला भी हुआ, लेकिन विवेक नहीं हारे. उनका कहना था की "जो समाज में बुरा है, उसे खत्म ही होना चाहिए. मैं अपनी शादी बिना वर्जिनिटी टेस्ट के करना चाहता था. वर्जिनिटी टेस्ट अमानवीय है. ऐसा मैं मानता हुँ. मेरी शादी से यह शुरुआत हुई है तो आगे जाकर शायद पूरी तरह यह रस्म खत्म हो जाएगी. 

कांजरभाट समाज में ऐसी प्रथा है की शादी के बाद सुहाग रात को नववधू की वर्जिनिटी टेस्ट ली जाती है, जिसके सफल होने पर उसको घर में सम्मान मिलता है. टेस्ट फेल होने पर कई बार इस लड़की को समाज के बहिष्कार का सामना करना पड़ता है. ऐसे कई मामले सामने आए थे. 'स्टॉप द व्ही रिच्युअल' की मुहिम समाज की इसी सोच को बदलने के लिए छेड़ी गयी थी. हालांकि कांजरभाट समाज इसके सख्त खिलाफ था. अभी पिछले हफ्ते ही वर्जिनिटी टेस्ट का विरोध करनेवाले एक जोड़े की जमकर पिटाई की गयी थी. ऐसे में विवेक की शादी ऐश्वर्या से होना वह भी बिना किसी वर्जिनिटी टेस्ट के, यह अपने आप में कांजरभाट समाज के बदलाव की तरफ पहला कदम है. महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मुलन समिती और शिवसेनाने 'स्टॉप द वी रिच्युअल' मुहिम का समर्थन किया था.