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RSSB की 3 भर्तियों पर संदेह, धांधली की शिकायत पर की जा रही जांच

परीक्षा में पदों की तुलना में डेढ़ गुना अभ्यर्थियों को पास किया गया है. इधर उत्तर प्रदेश पुलिस ने परीक्षा में गलत तरीके से चयन की शिकायत पर कार्रवाई की.

RSSB की 3 भर्तियों पर संदेह, धांधली की शिकायत पर की जा रही जांच

जयपुर: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने प्रयोगशाला सहायक सीधी भर्ती, महिला सुपरवाईजर भर्ती और कृषि पर्यवेक्षक के लिए सीधी भर्ती परीक्षाएं आयोजित की थी. बोर्ड ने परीक्षा की ओएमआर स्केनिंग, रिजल्ट बनाने का काम लखनऊ की गोमती नगर स्थित रामव लिमिटेड फर्म को सौंपा था. फर्म ने परीक्षा की ओएमआरशीट के आधार पर जुलाई में परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया. परीक्षा में पदों की तुलना में डेढ़ गुना अभ्यर्थियों को पास किया गया है. इधर उत्तर प्रदेश पुलिस ने परीक्षा में गलत तरीके से चयन की शिकायत पर कार्रवाई की. पुलिस को जानकारी मिली की पैसे लेकर 18 अभ्यर्थियों का गलत तरीके से चयन करा रखा है. इसके बाद एसटीएफ यूपी ने कार्रवाइ करते हुए धांधली के आरोप में मामला दर्ज कर पांच जनों की गिरफ्तारी कर ली.

उत्तर प्रदेश पुलिस ने अभ्यर्थियों की वार्ता रिकॉर्डिंग सुनी तो लेनदेन कर चयन का मामला सामने आया. इसमें 18 अभ्यर्थियों से 9-9 लाख रुपए लेने की बात सामने आई. पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंची तो खुलासा हुआ कि कमल किशोर यादव और उसके साथी ने 9 लाख लिए और आठ लाख आगे कानपुर के पंकज गुप्ता को दे दिए. 

पंकज ने दो लाख काट कर शादान और विनोद गुप्ता को पांच-पांच लाख रुपए दे दिए. मामला पकड़े जाने के बाद यूपी पुलिस ने धांधली की शिकायत राजस्थान पुलिस को की और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड से भी जवाब मांगा. इधर राजस्थान पुलिस ने अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह को मामला बढ़ाते हुए परीक्षा भर्ती रिजल्ट की स्क्रूटनी करने या नए सिरे से चयन का निर्णय लेने का अनुरोध किया है. 

इधर मामला खुलने के बाद चयन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. बीएल जाटावत का कहना है कि रिजल्ट जारी होने के बाद यूपी पुलिस ने मामला पकड़ा है. जुलाई में रिजल्ट जारी हुआ, अगस्त में मामला पकड़ा, ऐसे में मामला धोखाधड़ी का हो सकता है. एफआईआर में जो रोलनम्बर दिए हैं, वो मेल नहीं खा रहे हैं. वैसे भी हमने एक जांच समिति बना दी है, जो पूरे रिकॉर्ड की सिरे से जांच करेगी. इसके बाद ही भर्ती परीक्षाओं की चयन सूची जारी की जाएगी.