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मनरेगा में राजस्थान ने बनाया रिकार्ड, 7 महीने में 45 लाख परिवारों को मिला रोजगार

राजस्थान(Rajasthan) में मनरेगा योजना(MNREGA Scheme) में रिकार्डतोड़ परिवारों को रोजगार मिला है.

मनरेगा में राजस्थान ने बनाया रिकार्ड, 7 महीने में 45 लाख परिवारों को मिला रोजगार
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर: राजस्थान(Rajasthan) में मनरेगा योजना(MNREGA Scheme) में रिकार्डतोड़ परिवारों को रोजगार मिला है. केवल 7 महीने में प्रदेश के श्रमिकों को 45 लाख से ज्यादा परिवारों को रोजगार मिल चुका है. जबकि अभी इस साल के 5 महीने और बाकी है. ऐसे में इस बार श्रमिकों को रोजगार देने में राजस्थान सरकार नया रिकार्ड बनाने जा रहा है. क्योंकि पिछले सालों की तुलना ये आकंडा कई गुना ज्यादा होगा. 

बता दें, पिछली सरकार में 2016 में 40 लाख 35 हजार परिवारों को रोजगार मिला था. लेकिन 2017 में ये आंकडा बढ़कर 45 लाख 65 हजार हो गया. 2018 में 51 लाख 65 हजार परिवारों को नरेगा 100 दिन का रोजगार देने में सफल रहा था. लेकिन इस बार केवल 7 महीने में भी 45 लाख परिवारों को रोजगार देकर एक नया रिकार्ड बनाया है.

राज्य सरकार ने मानव दिवस सृजन रोजगार 34 करोड़ आवंटित करने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है. राजस्थान में नरेगा में 22 करोड़ का लक्ष्य मानव दिवस रोजगार को पूरा कर लिया है. अब अधिक से अधिक श्रमिकों को लाभ मिल सके. 22 करोड सृजित मानव दिवस में से 4 करोड अनुसूचित जाति,5 करोड अनुसूचित जनजाति और 13 करोड महिलाएं शामिल है.जिसमें 34 करोड से ज्यादा व्यय हो चुका है.

नरेगा आयुक्त पीसी किशन का कहना है कि मानव दिवस लक्ष्य से पहले ही पूरा होने पर हमने केंद्र सरकार(Central Government) को मानव दिवस बढाने की मांग की है. इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र लिखा जा चुका है. मंजूरी के बाद अधिक से अधिक परिवारों को रोजगार देन का काम किया जाएगा. 

इस साल 1 करोड़ से ज्यादा प्रति जिले में नरेगा योजना में खर्चा हुआ है. अब तक औसतम 43 परिवारों को प्रतिदिन रोजगार मिल रहा है. जबकि पिछले साल पूरे सालभर में 57 परिवारों को औसतम रोजगार मिल रहा था. पंचायत समितियों में औसत खर्चें की बात करे तो 11 लाख 51 हजार से ज्यादा निर्माण कार्य में व्यय हो रहा है. जबकि प्रति ग्राम पंचायतों में औसतन 34 करोड़ का खर्च हो रहा है. आयुक्त पीसी किशन का कहना है कि नरेगा में योजना के माध्यम से पांच कार्य किए जा रहे है. जिससे पंचायतों का विकास तेजी से हो रहा है.

नरेगा योजना के अंतगर्त हर ग्राम पंचायत में खेल के मैदान, चारागाह, शमशान घाट, मॉडल तालाब का विकास किया जा रहा है. ऐसे में लाखों परिवारों को रोजगार के साथ साथ गांवों के विकास में तेजी बढ़ती दिखाई दे रही है.