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आर्टिकल 370 से जुड़ी याचिकाओं पर संविधान पीठ का गठन, 1 अक्‍टूबर से होगी सुनवाई

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इस बेंच में ख़ुद को नहीं रखा है. वो 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं.

आर्टिकल 370 से जुड़ी याचिकाओं पर संविधान पीठ का गठन, 1 अक्‍टूबर से होगी सुनवाई

नई दिल्‍ली: आर्टिकल 370 (Article 370) से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने संविधान पीठ का गठन किया. जस्टिस एन वी रमना की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ में जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी, जस्टिस बी आर गवई, जस्टिस सूर्यकांत शामिल है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इस बेंच में ख़ुद को नहीं रखा है. वो 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं. उनकी अध्यक्षता वाली संविधान पीठ आजकल अयोध्या मामले की सुनवाई कर रही है.

इससे पहले 28 अगस्‍त को जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए हटाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस कर जवाब मांगा था. केंद्र सरकार को नोटिस जारी करने के अलावा सुप्रीम कोर्ट ने मामले को 5 जजों की संविधान पीठ को भेज दिया था. उसी पृष्‍ठभूमि में अब बेंच का गठन किया गया है.

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दरअसल दायर याचिका में अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 ए को लेकर जारी की गई अधिसूचना को असंवैधानिक बताया गया है. याचिका में ये भी कहा गया है कि सरकार इस तरीके का काम करके देश में मनमानी कर रही है. राष्ट्रपति का आदेश असंवैधानिक है और केंद्र को संसदीय मार्ग अपनाना चाहिए.

आपको बता दें कि राष्ट्रपति ने आदेश जारी कर जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाला प्रावधान अनुच्छेद 370 समाप्त कर दिया था. इतना ही नहीं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो केन्द्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया है. अनुच्छेद 370 खत्म करने का प्रस्ताव संसद के दोनों सदनों से भारी बहुमत से पास हुआ था और उसके बाद राष्ट्रपति ने आदेश जारी किया था. जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद सुरक्षा के लिहाज से एहतियात के तौर पर कुछ कदम उठाए गए थे.