राजस्थान सरकार किसानों को नहीं होने देगी खाद और यूरिया की कमी, जानिए कैसे?

प्रदेश के किसानों के यूरिया और खाद की कमी से निपटने के लिए प्रदेश की सहकारिता विभाग कुछ इस तरह के इंतजाम करने जा रही है.

राजस्थान सरकार किसानों को नहीं होने देगी खाद और यूरिया की कमी, जानिए कैसे?
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर: राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) किसानों (Farmers)को खाद की समय पर आपूर्ति के लिए 2 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 1 लाख मीट्रिक टन डीएपी का बफर स्टॉक करेगी. इसके लिए इफको, कृभको ओर आईपीएल के माध्यम से राजफेड ने बफर स्टॉक करना शुरू कर दिया है. 

राजफैड की 63 वी वार्षिक साधारण सभा में यह बडा फैसला लिया गया है. नाबार्ड की तकनीकी प्रोजेक्ट कंसलटेन्सी एंजेसी की प्रोजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर जयपुर और अलवर में राजफैड़ गोदामों का निर्माण करेगा. राजफैड द्वारा इस साल 10.90 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया गया है.

सहकारी समितियों को लानी होगी विविधता
रजिस्ट्रार डॉ. नीरज के. पवन ने कहा कि क्रय-विक्रय सहकारी समितियों को मूल व्यवसाय के साथ विविधता लानी होगी, जिससे किसानों को आवश्यकता के अनुसार सुविधाएं प्रदान की जा सके. कस्टम हायरिंग सेंटर, समूह के रूप में अनुदान के साथ खेती करना, स्वयं सहायता समूह के लिए कार्य करना इत्यादि विविधता अपनाकर समितियां अपने व्यवसाय में बढ़ोतरी कर सकती है.

नाबार्ड जनजाति क्षेत्रों में दे रही है अनुदान
उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत जनजाति वाले आबादी क्षेत्रों में नाबार्ड द्वारा आम, अमरूद, अंगूर, इत्यादि की खेती पर प्रति हेक्टेयर 55 हजार का अनुदान दिया जा रहा है. इस प्रकार समूह के रूप में किसानों को शामिल कर बड़ी मात्रा में अनुदान की राशि से किसानों की आर्थिक स्थिति में परिवर्तन किया जा सकता है. उन्होंने समितियों को सुझाव दिया कि ऐसे छोटे-छोटे नवाचारों के द्वारा किसानों की आय में बढ़ोतरी संभव है.   

राजफैड के कार्य की हुई प्रशंसा   
प्रबंध संचालक सुषमा अरोड़ा ने कहा कि राजफैड द्वारा अर्जित किया गया शुद्ध लाभ सभी के सहयोग से ही संभव हो पाया है. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सहित सदस्य संस्थाओं को नकद में 10 प्रतिशत लाभांश देगा.

जानिए कितना रहा टर्नओवर
उन्होंने कहा कि राजफेड का व्यवसाय निरन्तर प्रगति की ओर अग्रसर है. वर्ष 2018-19 में स्वयं का टर्न ओवर 199.28 करोड़ रूपये एवं समर्थन मूल्य का 7729.23 करोड़ रूपये रहा है. क्रय विक्रय सहकारी समितियों के लंबित चल रहे कमीशन एवं हैडलिग एवं परिवहन के पेटे प्राथमिकता के आधार पर अक्टूबर माह में 20.04 करोड़ रूपये कमीशन तथा 7.97 करोड़ रूपये हैडलिग एवं परिवहन की राशि हस्तान्तरित कर दी गई है तथा जीएसटी के पेटे 151.70 करोड़ रूपये का भुगतान राजफैड द्वारा सदस्य क्रय विक्रय सहकारी समितियों को किया गया है.

नैफेड का इतना है बकाया 
उन्होंने कहा कि खरीद के पेटे नैफेड में लगभग 291 करोड़ रूपये की राशि बकाया है जिसके लिए एमडी नैफेड को प्रमुख शासन सचिव की ओर से राशि के शीघ्र भुगतान हेतु अनुरोध किया गया है.