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बाघिन 'सीता' की मौत के बाद वन मंत्री पहुंचे नाहरगढ़, अधिकारियों को लगाई फटकार

नाहरगढ़ बायलॉजिकल पार्क में बाघों की मौत के बाद वन मंत्री बायोलॉजिकल पार्क पहुंचे. घटना के बाद मंत्री एक्शन में दिख रहे हैं. मिल रही जानकारी के अनुसार, मंत्री ने मौत के बाद अधिकारियों को फटकार लगायी है.

बाघिन 'सीता' की मौत के बाद वन मंत्री पहुंचे नाहरगढ़, अधिकारियों को लगाई फटकार
इस मामले में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कही गई है. (प्रतीकात्मक फोटो)

रौशन शर्मा, जयपुर: नाहरगढ़ बायलॉजिकल पार्क में बाघों की मौत के बाद वन मंत्री बायोलॉजिकल पार्क पहुंचे. घटना के बाद मंत्री एक्शन में दिख रहे हैं. मिल रही जानकारी के अनुसार, मंत्री ने मौत के बाद अधिकारियों को फटकार लगायी है. उन्होंने कहा है कि इस मामले में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होगी.

इस दौरान मंत्री सुखराम विश्नोई ने वन्यजीवों के डाइट चार्ट का भी निरीक्षण किया. इस दौरान वन्यजीवों के वैक्सीनेशन के बारे में भी मंत्री ने फीडबैक लिया है. मंत्री विश्नोई ने कहा है कि सरकार हर स्तर पर वन्यजीवों को बचाने का प्रयास कर रही है. उन्होंने ज़रूरत पड़ने पर बाहर से भी डॉक्टरों की मदद की बात कही है.

आपको बता दें कि यहां के पार्क में रहने वाली 3 बाघिन और शेरनी की पिछले एक सप्ताह में मौत हो गई है. मौत का कारण केनाइन डिस्टेंपर वायरस पॉज़िटिव होना बताया जा रहा है.

घटना के बाद से माना जा रहा है कि प्रदेश का नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क बाघों की “कब्रगाह“ बनता जा रहा है. नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघों की मौत पर सवाल भी उठाए जा रहे हैं. यहां एक के बाद एक लगातार तीन मौते हो चुकी हैं. शेरनी सुजैन के बाद मादा शावक रिद्धि और गुरुवार को सफेद बाघिन सीता की मौत हो गई. शेरनी सुजैन और बाघिन रंभा की मादा शावक रिद्धि की मौत से अभी उभरे नहीं थे कि आज बाघिन सीता की मौत से विभाग में हड़कंप मच गया. सीता की मौत का कारण केनाइन डिस्टेंपर का अंदेशा जताया जा रहा है.

इससे पहले सुजैन की मौत में कनाइन डिस्टेम्पर वायरस कारण बताया गया था. इससे दूसरे जानवरों में फैलने का खतरा और भी हो सकता है. डाक्टरों के मुताबिक़ सुजैन में बीमारी के लक्षण अलग पाए गए थे. रिद्धि शावक की मौत अचानक हुई है. वह पूरी तरह स्वस्थ था. ऐसे में वायरस का कोई लेना देना नहीं है. फिर भी इटावा और दिल्ली जू में संपर्क कर वैक्सीन मंगवाने की जानकारी अधिकारियों ने दी थी. 

आपको बता दे की दिल्ली से एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत मादा सफेद बाघिन सीता नाहरगढ़ बायलॉजिकल पार्क लाई गई थी. सीता सफेद बाघ राजा के साथ कराल में रह ही थी. लेकिन आज मादा शेरनी सीता इस दुनिया मे नहीं रही. एक के बाद एक वन्यजीवों की मौत को लेकर वन मंत्री से लेकर अफ़सर सदमे में है. लगातार हो रही मौत की जांच के लिए बरेली से टीम भी रवाना हुई. शेरनी सुजैन की मौत के बाद शनिवार को सुबह 10.30 बजे बाघिन रंभा की 10 माह की मादा शावक रिद्धि की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है. 

पोस्टमार्टम में प्रथम दृष्टया मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट पाया गया है. चीफ वाइल्ड लाइफ़ वार्डन अरिंदम तोमर के मुताबिक शावक रिद्धि को सुबह 10 बजे गार्ड ने बीमार अवस्था में देखा और वनाधिकारियों को सूचना दी. वन्यजीव चिकित्सक जब मौके पहुंचे तब तक शावक की मौत हो चुकी थी. इसके बाद चिकित्सक दल ने नाहरगढ़ रेस्क्यू सेंटर में उसका पोस्टमार्टम कर विसरा के सैम्पल लिए, जिसे बरेली स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ वेटेनरी सांइस में भेजे है.