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राजस्थान: बाढ़ के बाद गहलोत सरकार ने केंद्र से 966 करोड़ की अतिरिक्त सहायता राशि

राज्य सरकार ने बाढ़ जैसी स्थिति के चलते राहत गतिविधियों के लिए केन्द्र सरकार से 966.51 करोड़ की अतिरिक्त सहायता राशि की मांग की हैं.

राजस्थान: बाढ़ के बाद गहलोत सरकार ने केंद्र से 966 करोड़ की अतिरिक्त सहायता राशि
केंद्र का अन्तर-मंत्रालय दल राजस्थान का दौरा कर चुका है. (फाइल फोटो साभार: ANI)

जयपुर: राज्य सरकार ने बाढ़ जैसी स्थिति के चलते राहत गतिविधियों के लिए केंद्र सरकार से 966.51 करोड़ की अतिरिक्त सहायता राशि की मांग की हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पीड़ितों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाने के उद्देश्य से केन्द्र को भेजे जाने वाले मेमोरेंड को स्वीकृति दे दी है.

गहलोत ने राज्य के आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग के अधिकारियों को भारी वर्षा, जल-भराव, आकाशीय बिजली गिरने से मानव जीवन, पशुधन, आवासीय भवनों, कैटलशेड, निजी एवं सार्वजनिक परिसम्पतियों, सड़कों, बांधों आदि को हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं. ताकि एनडीआरएफ से अतिरिक्त सहायता के लिए अंतिम ज्ञापन तैयार किया जा सके.

आपदा प्रबंधन विभाग ने तैयार किया मेमोरेंडम
आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग द्वारा तैयार मेमोरेंडम में सर्वाधिक राशि सड़कों, पुलों और शहरी क्षेत्र में क्षतिग्रस्त ड्रेनेज की मरम्मत, फसलों और भूमि कटाव से हुए नुकसान के मुआवजे और बिजली आपूर्ति में सुधार कार्यों के लिए मांगी गई है. साथ ही बारिश और इससे जुडे़ हादसों से जान-माल, पशुधन, फसलों और अन्य परिसम्पतियों को हुए नुकसान के आकलन के लिए सर्वे और गिरदावरी करवाई जा रही है.

मानसून ने किया जमकर नुकसान
गौरतलब है की इस वर्ष मानसून के दौरान राज्य के कई जिलों में हुई भारी वर्षा से बाढ़ जैसी स्थिति बनी और आम जन-जीवन अस्त-व्यस्त हुआ. वर्षा-जनित आपदा के कारण अभी तक 59 व्यक्तियों की मृत्यु और भारी संख्या में आवासीय भवनों, कैटलशेड, निजी एवं सार्वजनिक परिसम्पतियों, सड़कों, बांधों आदि को क्षति हुई है. काफी संख्या में पशुधन और फसलों को भी नुकसान हुआ है. जिसके लिए प्रभावित लोगों को एनडीआरएफ नॉर्म्स के तहत तत्काल राहत एवं सहायता राशि और मुआवजा दिया जाना अपेक्षित है. इसके लिए केंद्र की ओर से अन्तर-मंत्रालय दल भी सितम्बर के पहले सप्ताह में राजस्थान का दौरा कर चुका है.