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शरद पवार के घर पहुंचे अजित पवार, विधानसभा से इस्तीफा देने के बाद नहीं थे किसी के संपर्क में

अजित पवार ने शुक्रवार को विधानसभा की सदस्यता से अचानक इस्तीफा दे दिया था. इस्तीफे के बाद से अजीत पवार किसी के संपर्क में नहीं थे.

शरद पवार के घर पहुंचे अजित पवार, विधानसभा से इस्तीफा देने के बाद नहीं थे किसी के संपर्क में

मुंबई: एनसीपी (NCP) अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) के भतीजे अजित पवार (Ajit Pawar) शनिवार को अपने चाचा के घर 'सिल्वर ओक' पहुंच गए. दरअसल अजित पवार ने शुक्रवार को विधानसभा की सदस्यता से अचानक इस्तीफा दे दिया था. इस्तीफे के बाद से अजीत पवार किसी के संपर्क में नहीं थे और उन्हें लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. हालांकि अजित के शरद पवार के घर पहुंचने से इन अटकलों पर विराम लग गया है. 

गौरतलब है कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार (sharad pawar) ने शुक्रवार को पुणे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि अजित पवार ने क्यों इस्तीफा दिया. 

शरद पवार ने कहा था, 'मैंने कारण जानने के लिए उनके बेटे और दूसरे लोगों से संपर्क किया और पता चला कि उन्होंने अपने परिवार को आज बताया कि वह चाचा (शरद पवार) का नाम उस केस में आने से बहुत चिंतित हैं, जिसमें उनका (अजित पवार) का नाम भी है. वह इससे बहुत परेशान थे.'

एनसीपी अध्यक्ष ने ये भी कहा था कि पवार परिवार का मुखिया होने के नाते वो अजित पवार को फैसला बदलने के लिए कहेंगे.. और ये बात उनको माननी होगी

बता दें महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले पवार परिवार को भारी झटका देते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार (24 सितंबर) को एनसीपी प्रमुख शरद पवार, उनके भतीजे अजित पवार और 75 अन्य के खिलाफ महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक (एमएसीब) घोटाले में मामला दर्ज किया था. 

ईडी ने एनसीपी के बड़े नेताओं के खिलाफ यह कदम बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा पिछले महीने दिए गए फैसले के बाद उठाया है, जिसमें मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को कथित घोटाले में शरद पवार, अजित पवार और 75 अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा गया था.

ईडी ने मुंबई पुलिस के एफआईआर के आधार पर मामला दर्ज किया है, जिसने पिछले महीने घोटाले के संदर्भ में मामला दर्ज किया था. याचिकाकर्ता सुरेंद्र अरोड़ा ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एनसीपी नेताओं के नियंत्रण वाले महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक की जांच के लिए मामला दायर किया था, जिस पर अदालत ने यह फैसला सुनाया था.