अजीत ने कहा,‘13 लोगों को मंत्री बनाया गया है . इनमें से कुछ ऐसे हैं जो दोनो सदनों में से किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं .
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मुंबई: महाराष्ट्र कैबिनेट में कांग्रेस और एनसीपी के पूर्व नेताओं को शामिल किए जाने के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी नेता अजीत पवार ने बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना करते हुए कहा कि इस विस्तार में शिव सेना और बीजेपी के निष्ठावान विधायकों की अनेदेखी की गई है .
कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल होने वाले राधाकृष्ण विखे पाटिल को महाराष्ट्र कैबिनेट में आवास विभाग दिया गया है जबकि पिछले महीने एनसीपी छोड़कर शिवसेना में शामिल हुए जयदत्त क्षीरसागर को रोजगार गारंटी एवं बागवानी विभाग दिया गया है . प्रदेश के मुख्यमंत्री ने रविवार को विधानसभा चुनाव से पहले अपने कैबिनेट का विस्तार करते हुए इन नेताओं को शामिल किया था .
शरद पवार ने व्यंगात्मक लहजे में कहा, ‘मैंने शिवसेना नेताओं को एनसीपी में शामिल होने और बीजेपी सदस्यों को कांग्रेस में शामिल होने की सलाह दी है क्योंकि जब कैबिनेट विस्तार की संभावना होती है तो उन्हें मंत्री पद दिए जाने का अधिक मौका होता है .’ पवार विधानसभा में राज्यपाल के विद्यासागर राव के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बोल रहे थे .
विधानसभा चुनाव के लिए लगने वाले आदर्श चुनाव आचार संहिता का जिक्र करते हुए अजीत ने कहा,‘13 लोगों को मंत्री बनाया गया है . इनमें से कुछ ऐसे हैं जो दोनो सदनों में से किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं . इन 13 मंत्रियों को काम काज करने के लिए 13 हफ्ते का भी समय नहीं मिलेगा .’
शरद पवार ने कहा कि विधानसभा में विपक्ष के नेता रह चुके राधाकृष्ण विखे पाटिल मुंबई के विकास योजना में एक लाख करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगा चुके हैं और इसमें सीधे शामिल रहने के लिए वह मुख्यमंत्री की आलोचना भी कर चुके हैं .
एनसीपी नेता ने पूछा,‘इन आरोपों का क्या हुआ . क्या तब वह झूठ बोल रहे थे . मुख्यमंत्री को इन आरोपों का जवाब देना चाहिए क्योंकि उन्होंने विखे पाटिल अपनी कैबिनेट में नंबर तीन बनाया है .’ क्षीरसागर के बारे में बात करते हुए पवार ने कहा कि शिवसेना के अधिकतर मंत्री विधान परिषद के सदस्य हैं .
उन्होंने कहा,‘शिवसेना के वरिष्ठ विधायक मंत्रिपरिषद में जगह के लिए अब भी इंतजार कर रहे हैं . लेकिन पार्टी ने उस व्यक्ति को कैबिनेट मंत्री बनाया है जो दोनों सदनों में से किसी भी सदन का सदस्य नहीं है .’ विखे पाटिल और क्षीरसागर ने विधायक पद से इस्तीफा देकर क्रमश: बीजेपी और शिवसेना में शामिल हो गए थे .
क्षीरसागर ने बीच में बोलते हुए कहा कि एनसीपी में उन्हें हाशिये पर डाल दिया गया था और शिवसेना ने उन्हें नया मौका दिया है . उन्होंने अपना मंत्री पद अजीत पवार को समर्पित किया . उन्होंने कहा,‘मैं मंत्री बना हूं, इसका श्रेय मैं आपको देता हूं .’