सिंचाई घोटाले में अजित पवार का एफिडेविट- कुछ सवालों का जवाब न देना मेरा संवैधानिक अधिकार

अजित पवार ने कहा कि अतुल जगताप ने जनहित याचिकाओं का इस्तेमाल करके अपनी निजी दुश्मनी साधने की कोशिश की है.

सिंचाई घोटाले में अजित पवार का एफिडेविट- कुछ सवालों का जवाब न देना मेरा संवैधानिक अधिकार
फाइल फोटो...

मुंबई : महाराष्ट्र (Maharashtra) के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार (Ajit Pawar) ने मुंबई हाईकोर्ट (Mumbai High Court,) की नागपुर बेंच में एक एफिडेविट देकर कहा है कि उनके ऊपर सिंचाई घोटाले के लगाए गए सारे आरोप झूठे हैं. अजित पवार ने कहा कि अतुल जगताप ने जनहित याचिकाओं का इस्तेमाल करके अपनी निजी दुश्मनी साधने की कोशिश की है.

अजीत पवार ने अपने एफिडेविट मे कहा है कि जगताप ठेकेदार है और उन्होंने कई टेंडर अपने नाम से भरे हैं. पवार ने अपने एफिडेविट में कहा कि नवंबर 2018 में एसीबी निदेशक संजय बर्वे ने जो रिपोर्ट दाखिल की थी, उसमें जांच पूरी नही की गई थी, इसके साथ ही कुछ दिनों पहले जो रिपोर्ट एसीबी के निदेशक परमबीर सिंह ने पेश की, उसमे सारे तथ्य सामने आए हैं.

रिपोर्ट से साबित होता है कि मैं निर्दोष हूं, मैंने पैसे का कोई लेनदेन नहीं किया. अजित पवार ने कहा कि अब तक की गई सारी पूछताछ में उन्होंने जांच एजेंसियों का सहयोग किया है. उनके पास जांच एजेंसियों की जो लंबी-चौड़ी प्रश्नावली भेजी गई, उसमें से ज्यादातर प्रश्नों के जवाब उन्होंने दिए हैं. कुछ प्रश्नों का उत्तर न देना उऩका संवैधानिक अधिकार है, लेकिन कुछ प्रश्नों के जवाब ना देने से ये निष्कर्ष निकालना कि उन्होंने घोटाला किया है ये गलत होगा.