भारतीय सेना की POK में कार्रवाई के बाद जैसलमेर सीमा पर अलर्ट जारी

पाक अधिकृत कश्मीर(Pak Occupied Kashmir) में भारतीय सेना(Indian Army) की कार्यवाही के बाद राजस्थान के जैसलमेर सीमा पर अलर्ट जारी किया है.

भारतीय सेना की POK में कार्रवाई के बाद जैसलमेर सीमा पर अलर्ट जारी
प्रतीकात्मक तस्वीर

मनीष रामदेव, जैसलमेर: पाक अधिकृत कश्मीर(Pak Occupied Kashmir) में भारतीय सेना(Indian Army) की कार्यवाही के बाद राजस्थान के जैसलमेर सीमा पर अलर्ट जारी किया है.

जानकारी मिल रही है कि पाक अधिकृत कश्मीर में तंगधार सेक्टर में भारतीय सेना ने बड़ी कार्रवाई की है. बताया जा रहा है कि वहां स्थित आतंकी शिविरों पर भारतीय सेना ने हमला किया है. सैन्य सूत्रों के अनुसार, जानकारी मिलने के बाद पाकिस्तान की सीमा से सटे राजस्थान के रेगिस्तानी जिले जैसलमेर की सीमा को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है.

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, भारतीय सेना ( Indian Army) ने आतंकी घुसपैठ के जवाब में यह कार्रवाई की है. भारतीय सेना ने आर्टिलरी गन से हमला किया है. भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike) और बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर की गई भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक (AIR Strike) के बाद यह तीसरी सबसे बड़ी कार्रवाई है. 

बता दें पाकिस्तान (Pakistan) अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है रात से भी पाकिस्तान ने सीजफायर तोड़ते हुए कुपवाड़ा और कठुआ सेक्टर में भारी गोलीबारी की है. इस गोलिबारी के दौरान कुपवाड़ा में भारतीय सेना के 2 जवान शहीद हो गए हैं. इसके अलावा एक नागरिक की मौत भी हुई है. गोलीबारी में 3 भारतीय नागरिक भी घायल हुए हैं. 

पाकिस्तानी सीमा की तरफ से रात 10 बजे गोलीबारी शुरू हुई जो सुबह चार बजे तक जारी रही. पाकिस्तान की गोलबारी में कई मकानों को क्षति पहुंची है. भारतीय सुरक्षाबलों ने पाकिस्तान की गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया है. 

वहीं जम्मू (Jammu) में कठुआ (Kathua) के हीरानगर सेक्टर में पाकिस्तान (Pakistan) रात से ही गोलीबारी कर रहा है. भारतीय सुरक्षा बल (Indian Security Forces) पाकिस्तान की गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं. 

2019 में सीजफायर उल्लंघन में हुई बढ़ोतरी
पाकिस्तान की ओर से बीते पांच वर्षो में 2019 में संघर्ष विराम उल्लंघन (Ceasefire Violation) की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है. इस वर्ष आज की तारीख में संघर्ष विराम उल्लंघन की 2300 से ज्यादा घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं. जबकि वर्ष 2018 में इसकी संख्या 1629 थी.

भारतीय सेना के अनुसार, संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाओं में बढ़ोतरी आतंकवादियों को जम्मू एवं कश्मीर में घुसपैठ कराने के उद्देश्य से हुई है. खुफिया रिपोर्ट से पता चला है कि पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों को नियंत्रण रेखा के पास रखा गया है, ताकि मौका मिलते ही वे भारतीय सीमा में प्रवेश कर सकें.