close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

राजस्थान के सभी पेट्रोल पंप आज रहेंगे बंद, वैट कम करने की मांग को लेकर हड़ताल

राजस्थान में पड़ोसी राज्यों की तुलना में पेट्रोल-डीजल पर वैट ज्यादा है. इसके चलते सीमावर्ती जिलों में पड़ोसी राज्यों से तस्करी धड़ल्ले से हो रही है और हमारे यहां डीजल की बिक्री घट रही है.

राजस्थान के सभी पेट्रोल पंप आज रहेंगे बंद, वैट कम करने की मांग को लेकर हड़ताल
प्रतीकात्मक फोटो

जयपुर: राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के आह्वान पर प्रदेशभर के करीब 4 हजार से ज्यादा पेट्रोल पंप बंद हैं. हालांकि, जयपुर में कंपनी के चार कोको पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल मिल रहा है. राजस्थान में वैट ज्यादा होने के कारण पेट्रोल पंपों पर डीजल की खपत कम हो गई है. जिसके कारण पेट्रोल पंप बंद होने की कगार पर पहुंच चुके हैं.

राजस्थान में पड़ोसी राज्यों की तुलना में पेट्रोल-डीजल पर वैट ज्यादा है. इसके चलते सीमावर्ती जिलों में पड़ोसी राज्यों से तस्करी धड़ल्ले से हो रही है और हमारे यहां डीजल की बिक्री घट रही है. हालात यह हैं कि चार माह में डीजल की 21 करोड़ लीटर तक बिक्री घट गई है. इससे करीब 123 करोड़ रुपए राजस्व का घाटा हो रहा है. लगातार खपत कम होने से पेट्रोल पंप संचालकों पर रोजी-रोटी का संकट आ गया है.

सरकार के हर स्तर पर अपनी बात पहुंचाने के बाद सांकेतिक हड़ताल रखी गई है यानि की कल सुबह सुबह 6 बजे तक प्रदेश के करीब 4 हजार पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल नहीं मिलेगा. केवल आपातकालीन वाहन जैसे अग्निशमन, एंबुलेंस, वाहन आदि को आपूर्ति दी जा रही है. पेट्रोल-डीजल की कीमतें सबसे ज्यादा श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, भरतपुर जैसे सीमावर्ती जिलों में है. कारण है ऑयल डिपो (जोधपुर और जयपुर) से इनकी दूरी अधिक होना.

हाल ही में आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल की राज्यवार बिक्री आंकड़े पेश किए. जिनमें राजस्थान की ग्रोथ पिछले पांच साल से नकारात्मक चल रही है. राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनीत बगई ने बताया कि पड़ोसी राज्यों की तरह राजस्थान में भी पेट्रोल-डीजल पर वैट दरें घटानी चाहिए. जिससे सरकार का राजस्व बढ़े और कंपनियों को भी घाटा न उठाना पड़े. राज्य सरकार ने 5 जुलाई को पेट्रोल और डीजल पर वैट की दर 4 प्रतिशत तक बढ़ाई. इससे डीजल पर वैट की दर 22 प्रतिशत और पेट्रोल पर 30 प्रतिशत तक हो गया है जबकि पड़ोसी राज्यों में वैट की दर कम है. इससे राज्य के पेट्रोल पंपों पर बिक्री कम हो गई है. पेट्रोल पंप बंद होने के कगार पर हैं. इससे ग्राहकों का भी नुकसान हो रहा है. साथ ही राज्य सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है.