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भारी बारिश के कारण शनिवार को दोनों मार्गों से अमरनाथ यात्रा रोकी गई

गत 27 जून से ही रुक रुककर हो रही मानसूनी वर्षा के चलते दक्षिण और मध्य कश्मीर के साथ ही राज्य के कई अन्य हिस्सों में बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया गया है.

भारी बारिश के कारण शनिवार को दोनों मार्गों से अमरनाथ यात्रा रोकी गई
भगवती नगर यात्री निवास बेस कैंप में तीर्थयात्री. (फोटो साभार - IANS)

श्रीनगर: अमरनाथ यात्रा के तीसरे दिन शनिवार को 587 श्रद्धालुओं ने पवित्र हिम शिवलिंग के दर्शन किए. एक अधिकारी ने बताया कि भूस्खलन, फिसलन भरे मार्ग और पत्थर गिरने के कारण श्रद्वालुओं की सुरक्षा को देखते हुए यात्रा को रोक दिया गया था. एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा, ‘तीसरे दिन के अंत में 587 श्रद्वालुओं ने पवित्र गुफा में बाबा बफार्नी के दर्शन किए.' उन्होंने कहा कि किसी भी तीर्थयात्री को पैदल गुफा मंदिर की ओर बढ़ने नहीं दिया जा रहा है , कुछ यात्री तीर्थयात्रा के लिए हेलीकाप्टर सेवा का इस्तेमाल कर रहे हैं. 

गत 27 जून से ही रुक रुककर हो रही मानसूनी वर्षा के चलते दक्षिण और मध्य कश्मीर के साथ ही राज्य के कई अन्य हिस्सों में बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया गया है. इसके चलते अमरनाथ यात्रा के दो आधार शिविरों गंदेरबल जिला स्थित बालटाल और अनंतनाग जिले के पहलगाम में हजारों तीर्थयात्री फंसे हुए हैं. 

वर्षा से जम्मू - श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कल कई स्थानों पर भूस्खलन हुए हैं और पत्थर गिरे हैं. यद्यपि अधिकारियों ने समय पर कार्रवाई से यह सुनिश्चित किया कि घाटी को देश के अन्य हिस्से से जोड़ने वाली 260 किलोमीटर लंबी यह सड़क खुली रहे. 

लगातार वर्षा के बावजूद दक्षिण कश्मीर में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा के लिए यात्रा 28 जून को तय समय से कई घंटे के विलंब से शुरू हुई. यद्यपि लगातार वर्ष के चलते यात्रा में बार - बार व्यवधान आया. 

60 दिवसीय यात्रा का समापन 26 अगस्त को रक्षा बंधन के दिन होगा. इस बीच जम्मू कश्मीर के राज्यपाल एन एन वोहरा ने सीईओ उमंग नरूला से श्रद्वालुओं को यात्रा की अनुमति देने से पहले मार्ग की स्थिति और मरम्मत कार्यों की नजदीक से निगरानी करने के निर्देश दिए हैं. 

(इनपुट - भाषा)