अपना दल-बीजेपी में बढ़ी खटास! CM योगी के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं अनुप्रिया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में एक मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन किया. इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया शामिल नहीं हुईं.

अपना दल-बीजेपी में बढ़ी खटास! CM योगी के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं अनुप्रिया
योगी ने देवरिया में एक मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन किया लेकिन अनुप्रिया शामिल नहीं हुई... (फोटो साभार https://www.facebook.com/AnupriyaSPatel/)

गोरखपुर: 2019 चुनाव से पहले बीजेपी के सहयोगी दलों की नाराजगी शुरू हो गई है. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से नाराजगी जाहिर किए जाने के एक दिन बाद अपना दल - सोनेलाल की नेता व केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल मंगलवार को पड़ोस के जिले देवरिया में आयोजित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में नजर नहीं आईं. मुख्यमंत्री ने देवरिया में एक मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन किया. इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया शामिल नहीं हुईं.

इस बारे में पूछे जाने पर अपना दल सोनेलाल के नेता अनुराग पटेल ने कहा अनुप्रिया को इस कार्यक्रम के लिए निमंत्रण नहीं मिला था, लिहाजा वह इसमें शरीक नहीं हुईं. दूसरी ओर, भाजपा की देवरिया जिला इकाई के मीडिया प्रभारी सत्येंद्र मणि ने बताया कि अनुप्रिया मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल क्यों नहीं हुई, इसके बारे में वह कुछ नहीं बता सकते.

बता दें केंद्र में सत्तारूढ़ एनडीए के सहयोगी अपना दल-सोनेलाल (अनुप्रिया गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष पटेल ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के नेतृत्व के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए मंगलवार (25 दिसंबर) को कहा था कि न केवल अपना दल बल्कि भाजपा के भी कई विधायक, सांसद और मंत्री प्रदेश शासन से नाराज हैं.

पटेल ने प्रदेश सरकार से नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा था कि अपना दल के कोटे से केंद्र में मंत्री बनीं अनुप्रिया पटेल को उत्तर प्रदेश में वह सम्मान नहीं मिलता जिसकी वह हकदार हैं. उन्होंने कहा कि न केवल अपना दल बल्कि खुद भाजपा के विधायक, सांसद और यहां तक कि मंत्री भी प्रदेश 'शासन-सरकार' से नाराज हैं और वे केन्द्रीय नेतृत्व से मिलकर अपनी नाराजगी जाहिर करना चाहते हैं. हालांकि पटेल ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी अगले चुनावों के बाद भी नरेन्द्र मोदी को ही प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती है लेकिन सहयोगियों को बराबर का सम्मान मिलना चाहिए.

(इनपुट - भाषा)