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अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2019: क्या बीजेपी करेगी वापसी?

 अरुणाचल प्रदेश की 3 विधानसभा सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं. 

अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2019: क्या बीजेपी करेगी वापसी?

नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश विधानसभा की 60 में से 57 सीटों पर 11 अप्रैल को वोटिंग हुई थी. यहां मुख्य मुकाबला सत्ताधारी बीजेपी और कांग्रेस पार्टी के बीच है. अरुणाचल प्रदेश की 3 विधानसभा सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं. फुर्पा तेसरिंग ने दिरांग, ताबा तेदीर ने येचुली और केंटो जीनी ने अलोंग सीट से जीत दर्ज कर ली है. वहीं अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने सत्ता में वापसी के लिए राज्य के बेरोजगार युवाओं को 5000 रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने का ऐलान किया है. पहली बार बीजेपी सभी 60 सीटों पर चुनाव लड़ रही है.वर्तमान में बीजेपी के पेमा खांडू राज्य के मुख्यमंत्री हैं.

अरुणाचल प्रदेश की 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए 184 प्रत्याशी मैदान में हैं. जिनमें से 29 के खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज हैं. बीजेपी के सात उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं. चुनावों की निगरानी करने वाली संस्था, असोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने यह विश्लेषण किया है.

हिंदुस्तान के पूर्वोत्तर में भारतीय जनता पार्टी का चेहरा माने जाने वाले किरन रिजिजू केंद्रीय गृह राज्यमंत्री भी हैं. अरुणाचल प्रदेश अरुण+अचल से मिलकर बना है, जिसका अर्थ होता है उगते सूर्य का पर्वत. उल्लेखनीय है कि सामाजिक नजरिये से अरुणाचल प्रदेश एशिया का सबसे विविधता वाला क्षेत्र माना जाता है.

यहां की 63 फीसदी आबादी 104 प्रकार की जनजातियों की है, जिनमें गालो, निशि, आदि, खम्ति, मोंपा और अपातनी समेत अन्य जनजातियां आती हैं. इसके अलावा 35 फीसदी आबादी प्रवासियों की है, जिसमें बांग्लादेशी शरणार्थी भी शामिल हैं. यहां पर बंगाल असम और नगालैंड समेत अन्य हिस्सों के लोग भी रहते हैं. यहां करीब 30 फीसदी हिंदू, 13 प्रतिशत बौद्ध और 19 फीसदी ईसाई धर्म के अनुयायी हैं. अरुणाचल में अंग्रेजी, असमिया और हिंदी भाषा का चलन है.