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ओवैसी ने मोहन भागवत से कहा, 'जम्हूरियत का सेहरा तो आंबेडकर को जाता है'

ओवैसी ने कहा, 'मैं भागवत से जानना चाहता हूं कि 84 में इंदिरा गांधी का कत्ल हुआ. सिक्खों का कत्लेआम हुआ, वो क्या था? क्या वो मॉब लिंचिंग नहीं था? 

ओवैसी ने मोहन भागवत से कहा, 'जम्हूरियत का सेहरा तो आंबेडकर को जाता है'

मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019 के लिए अपनी पार्टी के लिए प्रचार में जुटे एआईएमआईएम (AIMIM) नेता असदुद्दीन ओवैसी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत पर निशाना साधा है. ओवैसी ने कहा, 'भागवत ने कहा कि मॉब लिंचिंग (Mob Lynching) का ताल्लुक भारत से नहीं है. ये दूसरे मुल्क या किसी दूसरे मजहब से ताल्लुक है. सदियों से जम्हूरियत है ये भी कहा...इन दो चीजों का जवाब देना बेहद ज़रुरी है.'

ओवैसी ने कहा, 'मैं उनसे जानना चाहता हूं कि 84 में इंदिरा गांधी का कत्ल हुआ. सिक्खों का कत्लेआम हुआ, वो क्या था? क्या वो मॉब लिंचिंग नहीं था? 

ओवैसी ने कहा, 'भागवत साहब-ये कहकर झूठ कहा कि सदियों से जम्हूरियत है. आपने आंबेडकर की तौहीन की है. 1947 से पहले 200 साल अंग्रेजों की हुकूमत थी. कितने बादशाह गुजरे, जब बादशाह की हुकूमत होती है तो वो जम्हूरियत की बात नहीं. राजा के हुकुम की बात करती है. हिंदुस्तान में जम्हूरियत कब आई? जम्हूरियत का सेहरा अंबेडकर को जाता है. क्योंकि संविधान उन्होंने बनाया.'

AIMIM नेता आगे कहा, 'राजाओं और बादशाहों के जमाने में इंसानों को इस तरह से देखा जाता है कि जम्हूरियत में? कौन जनेऊधारी है औऱ कौन दलित है? अंबेडकर ने कहा था कि अब इंसान बराबर होगा. 

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बता दें कि मोहन भागवत ने नागपुर स्थित संघ मुख्यालय में आयोजित विजयादशमी उत्सव में कहा था कि मॉब लिंचिंग का ताल्लुक भारत से नहीं है.