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ज्वेलरी व्यवसायी जतिन की मौत के विरोध में झुंझुनूं, सिंघाना और चिड़ावा के बाजार रहे बंद

 झुंझुनूं(Jhunjhunu) के ज्वेलरी व्यवसायी जतिन सोनी की मौत के बाद गुरुवार को अचानक क्षेत्र के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. 

ज्वेलरी व्यवसायी जतिन की मौत के विरोध में झुंझुनूं, सिंघाना और चिड़ावा के बाजार रहे बंद
ज्वेलरी व्यवसाई की हत्या के बाद सड़क जाम.

संदीप केडिया, झुंझुनूं: झुंझुनूं(Jhunjhunu) के ज्वेलरी व्यवसायी जतिन सोनी की मौत के बाद गुरुवार को अचानक क्षेत्र के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. शव आने से पहले ही लोगों ने रोड नंबर तीन पर जाम लगा दिया. करीब आधे घंटे तक जाम लगाने के बाद सभी प्रदर्शनकारी पीरूसिंह सर्किल की ओर जाने लगे. लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले ही रोक दिया. साथ ही मौके से डॉ. अनिल खीचड़ को भी हिरासत में लिया गया है. 

आपको बता दें कि 15 सितंबर को दिन दहाड़े हिस्ट्रीशीटर योगेश चारणवासी और उसके साथियों ने मान नगर स्थित न्यू प्रकाश ज्वैलर्स पर बंदूक की नोक पर लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवरातों की लूट की थी. इसके बाद जतिन जब भागने लगा तो उसे गोली मार दी गई.

घटना के बाद से जतिन का जयपुर में इलाज चल रहा था. जिसकी बुधवार को मौत हो गई. आज शव आने वाला ही था कि अचानक जतिन के घर के बाहर इकट्ठा सैंकड़ों लोगों ने रोड नंबर तीन पर पहुंचकर जाम लगा दिया. जाम के कारण लोगों को परेशानी हुई और वाहनों को भी इधर-उधर डायवर्ट करना पड़ा. वहीं अब योजना बनाई जा रही है कि शव को कलेक्ट्रेट ले जाया जाए और वहां पर प्रदर्शन किया जाए. इससे पहले आज झुंझुनूं, चिड़ावा और सिंघाना समेत जिले के कई कस्बों में सर्राफा व्यवसायियों ने शोक में बाजार बंद रखे.

झुंझुनूं, सिंघाना और चिड़ावा में बाजार बंद
झुंझुनू के जतिन सोनी की हत्या के विरोध में झुंझुनूं जिला मुख्यालय सहित चिड़ावा और सिंघाना कस्बे का स्वर्णकार व्यापार मंडल ने अपने प्रतिष्ठान बंद करके विरोध प्रकट किया. बात करें सिंघाना की तो वहां पर सुबह 10 बजे बाजार खुलते ही स्वर्णकार व्यापार मंडल के सदस्य सामूहिक रूप से दो मिनट का मौन धारण करके जतिन सोनी को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद सदस्यों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश प्रकट करते हुए नारेबाजी की. उनका कहना था जतिन सोनी 25 दिन तक जिंदगी और मौत के बीच झूलता रहा. आखिरकार उनकी मौत हो गई लेकिन आरोपी अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है. उन्होंने मांग की कि आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए. इसी तरह चिड़ावा और झुंझुनूं में भी सर्राफा प्रतिष्ठान पूर्णतया बंद रहे. 

पहले हो गया था अंदेशा, चाक चौबंद भी थे
जतिन के शव आने के बाद विरोध की संभावना पुलिस को पहले से ही थी. यही कारण था कि सुबह से ही जतिन के मकान वाली गली में ट्रेफिक पुलिसकर्मियों के अलावा बैरिकेट्स लगाए गए थे. सुबह से ही लोगों का आना शुरू हो गया था. दोपहर तक सैंकड़ों की संख्या में लोग जतिन के घर के बाहर इकट्ठा हो गए थे. इनमें पूरे जिले समेत शेखावाटी के ही सर्राफा कारोबारी मुख्य रूप से शामिल थे. 

मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस पकड़ से दूर
जतिन के परिजनों, स्वर्णकार समाज और सर्राफा कारोबारियों में इस बात को लेकर गुस्सा है कि घटना के करीब 25 दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर योगेश चारणवासी अभी पुलिस गिरफ्त से दूर है. इस मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को नामजद किया था. इनमें से जतिन पर गोली मारने वाला आरोपी दीपक को भी पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है. लेकिन योगेश और उसके साथ विनोद को अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है. वहीं अब तक इस मामले चार जनों की गिरफ्तारी हो चुकी है. 

जानकारी के लिए बता दें कि जतिन का शव जयपुर से झुंझुनूं पहुंच चुका है. जिसके बाद प्रदर्शनकारी भी जतिन के घर पहुंचने लगे. इस दौरान एक बार जाम को स्वेच्छा से ही खोल दिया गया. यहां बड़ी संख्या में जिलेभर के कारोबारी मौजूद रहे. इसके अलावा सांसद नरेंद्र कुमार भी जतिन के निवास पर पहुंचे. 

ताजा अपडेट के अनुसार, शव यात्रा जतिन के घर से मुक्ति धाम के लिए रवाना हो चुकी है. इस दौरान भारी संख्या में पुलिस जाब्ता मौके पर मौजूद है. माना जा रहा है कि कभी भी जिला मुख्यालय की कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है. भीड़ के किसी भी पल बेकाबू होने का संशय बरकरार है.