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बांसवाड़ा: वागड़ के गणपति को पहनाई गई 14 मीटर लंबी धोती, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

यहां भगवान गजानन को 11 मीटर का दुशाला ओढ़ाई गई है. जबकि 14 मीटर की धोती पहनाई गई है.

बांसवाड़ा: वागड़ के गणपति को पहनाई गई 14 मीटर लंबी धोती, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
यहां भगवान की जूती भी करीब ढाई फीट लंबी है.

बांसवाड़ा: राजस्थान के बांसवाड़ा के आजाद चौक में वागड़ के राजा का महत्वपूर्ण स्थान है. वागड़ के राजा के रूप में यहां पर प्रथम पूज्य भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई है. यहां बीते 32 साल से हर बार गणेश प्रतिमा की स्थापना की जाती है. इसकी स्थापना महज कुछ लोगों ने मिलकर की थी, लेकिन आज भगवान का परिवार उन्हीं के आशीर्वाद से हजारों की संख्या में पहुंच गया है और सैकड़ों कार्यकर्ता भी हैं. 

यही कारण है कि गणेश भगवान का वैभव भी बढ़ता जा रहा है. यहां भगवान गजानन को 11 मीटर का दुशाला ओढ़ाई गई है. जबकि 14 मीटर की धोती पहनाई है. चांदी के बने आभूषणों में 3.25 किलो का मुकुट, सूंड 3.5 किलो की, आशीर्वाद हाथ 750 ग्राम का है, यही नहीं 4 कड़े भगवान हाथों में हैं जिनका वजन 3 किलो है. बाबा के दांत भी चांदी मड़ित हैं. इनका वजन 1 किलो 100 ग्राम है. यहां भगवान की जूती भी करीब ढाई फीट लंबी है. बाबा के सिर पर सवा किलो का चांदी का छत्र भी विराजित है.

मंडल से जुड़े लोग बताते हैं कि इतने बड़े कपड़े वो खुद तैयार करते हैं. इनके लिए सामान रतलाम और इंदौर से मंगाया जाता है. अनुमान के अनुसार बाबा के पास करीब 7 लाख के आभूषण हैं जो उनके भक्तों ने मिलकर बनाए हैं. यहां पर भगवान की विशेष आरती के बाद विशेष भोग लगाए जाते हैं. वहीं शहर में अलग-अलग जगह भी गणेश प्रतिमा लगाई गई है, जिन्हें देखने और दर्शन करने के लिए लोग पहुंच रहे हैं.

गणेश चतुर्थी के शुरू होते ही पूरे देश में गणपित पूजा शुरू हो गई थी. भगवान गणेश के भक्त काफी उत्साह के साथ इस त्यौहार को मना रहे हैं. इस दौरान हर तरफ गणपति बप्पा के जयकारे सुनाई द रहे हैं. इसके अलावा गणपित विसर्जन तक पंडालों में खूब जगराते होते हैं. प्रदेश के साथ देशभर के प्रसिद्ध गणेश मंदिरों में भक्तगण पहुंचकर दर्शन करते हैं.

बता दें कि पुराणों के अनुसार गणेश चतुर्थी के दिन ही गणपति का जन्म हुआ था. कई प्रमुख जगहों पर भगवान गणेश की बड़ी प्रतिमा स्थापित की जाती है. नियमों के अनुसार गणपति के स्थापित प्रतिमा की पूजा पूरे नौ दिन की जाती है. महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. इस मौके पर मुंबई के लाल बाग में गणपति की सबसे विशाल प्रतिमा स्थापित की जाती है.