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बारां: भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ प्रसिद्ध डोल मेला का आगाज, उमड़ी भक्तों की भीड़

धार्मिक और आस्था के मेले के आयोजन के लिए भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया. इसमें 57 देव विमान शोभायात्रा की  अलौकिक आभा ने भक्तों का मन मोह लिया. 

बारां: भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ प्रसिद्ध डोल मेला का आगाज, उमड़ी भक्तों की भीड़
हाड़ौती का प्रसिद्ध डोल मेला 21 दिनों तक चलेगा.

राम मेहता/बारां: राजस्थान के बारां में हाड़ौती की प्रसिद्ध डोल मेला का आगाज जलझुलनी के साथ हो गया. धार्मिक और आस्था के मेले के आयोजन के लिए भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया. इसमें 57 देव विमान शोभायात्रा की  अलौकिक आभा ने भक्तों का मन मोह लिया. जलवा पूजन के लिए अद्भुत ढंग से सजाए विमानों में सवार देव प्रतिमाओं के दर्शन के लिए लाखों भक्त उमड़ पड़े. वहीं शोभायात्रा में शामिल 9 अखाड़ों ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों को रोमांचित कर दिया. डोल मेला तालाब की पाल पर जलवा पूजन किया, साथ ही महाआरती का आयोजन भी किया गया.

इस बार धार्मिक मेले के शुभारंभ अवसर पर राजनीति से परे उठकर संतों, मुनियों की उपस्थिति में मेले का शुभारंभ कराया गया. जो एक नई पहल है. मेले के शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि महामंडेश्वर मंहत लक्ष्मणदास महराज महात्यागी मुंबई वाले बाबा शामिल हुए. बता दें कि हाड़ौती का प्रसिद्ध डोल मेला 21 दिनों तक चलेगा.  

गौरतलब है कि शुरूआत में आजादी से पहले मेला सात दिनों के लिए होता था. आजादी के बाद इस मेले का विस्तार हुआ. अब इसकी अवधि बढ़कर 21 दिन हो गई है. पहले मेले में घरेलू जरूरत की सामग्री ही मिलती थी, लेकिन अब मनोरंजन के साधन बढ़ गए हैं. आवागमन के साधन, शहर के विस्तार, मेला स्थल पर सुविधाओं की उपलब्धता के साथ मेले की प्रसिद्धि भी लगातार बढ़ रही है. खास बात यह है कि शुरुआत में नगरपालिका और अब नगर परिषद ही मेले का आयोजन करती है. नगर परिषद सहित प्रशासन पुलिस की ओर से मेले की व्यवस्थाओं को चाक-चैबंद रखने में जुटे रहते हैं.

मेले को लेकर नगर परिषद के सभापति कमल राठौर का कहना कि नगर परिषद द्धारा मेले को भव्य बनानें के प्रयाय किए जा रहे हैं. जिसके लिए पूरी व्यवस्था जिम्मेदारियों के साथ की जा रही है. वहीं नगर परिषद की ओर इस मेले में रोज सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. इस मेले में प्रतिदिन हजारों लोग राजस्थान के साथ-साथ मध्यप्रदेश से भी आते है

नगर परिषद के मुताबिक इस मेले के लिए हर साल बजट भी बढ़ाया जाता है. मेले में दूर-दराज से लोग आते है जिनकी सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाता है. इस बाक मेले में 400 से अधिक दुकानें लगी हैं.