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बारां: तबाह हुई फसल को लेकर फूटा किसानों का गुस्सा, किया विरोध प्रदर्शन

किसान रैली में नारेबाजी करते हुए हाटचोक, मुख्यबाजार, खेडलीगंज चैराहे से उपखंड कार्यालय पहुंचे जहां मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा.

बारां: तबाह हुई फसल को लेकर फूटा किसानों का गुस्सा, किया विरोध प्रदर्शन
किसानों को अभी तक खराब हुई फसल के लिए कोई मुआवजा नहीं मिल पाया है.

राम मेहता/बारां: अटरू में उपखंड मुख्यालय पर भारतीय किसान संघ के तत्वाधान में किसानो ने प्रदेश सरकार के खिलाफ आक्रोश जताते हुए मोटर साईकिल रैली निकालकर उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा.

अटरू में किसानों की रैली कृषि उपज मंडी से रवाना हुई. किसान रैली में नारेबाजी करते हुए हाटचोक, मुख्यबाजार, खेडलीगंज चैराहे से उपखंड कार्यालय पहुंचे जहां मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. किसान संघ के तहसील अध्यक्ष रघुवीर का कहना है की फसल खराबे का मुआवजा देने को लेकर सभी किसान बहुत परेशान हैं. किसानों को अभी तक खराब हुई फसल के लिए कोई मुआवजा नहीं मिल पाया है. इसीलिए अब सभी किसान रैली निकाल कर अपनी मांगों को सरकार तर पहुंचा रहे हैं. 

साथ ही रघुवीर ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन अटरू तहसील के निकम्मे पटवारियों को कार्यमुक्त करने, एसबीआई बैंक द्वारा बीमा राशि न काटने, बिजली बिलों की वसूली रोकने और सहकारी के अवधिपार किसानों को ऋण मुहैय्या कराने की मांग को लेकर भी की गई है.

वहीं, हाडौती में भारी बारिश से हुई फसलें खराबे के मुआवजे की मांग को लेकर बीजेपी किसान मोर्चा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मोर्चा के प्रदेश मंत्री मुकुट नागर की अगुवाई में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सर्किट हाउस से जिला अधिकारी ऑफिस तक रैली निकाली और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया. बाद में प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और सात दिन में सर्वे करवाकर किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की. 

प्रदेश मंत्री मुकुट नागर ने बताया कि अतिवृष्टि से हाडौती के अन्नदाताओं को काफी नुकसान हुआ है. किसानों की फसल चौपट हो गई. किसानों के हाथ मे कुछ नहीं बचा. किसान मोर्चा ने जल्द से जल्द सर्वे करवाकर किसानों को फसल खराबे का मुआवजा दिलाने की मांग की है. किसान मोर्चा ने सात दिन में सर्वे नही होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है.