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बाड़मेर: 32 साल की सेवा का मिला कर्मचारी को ईनाम, विदाई समारोह को सीईओ ने ऐसे बनाया खास

कालूराम के बुजुर्ग पिता के साथ ही 50 लोगों को परिवार से बुलाया गया. उसके बाद ऑफिस में बड़ा कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

बाड़मेर: 32 साल की सेवा का मिला कर्मचारी को ईनाम, विदाई समारोह को सीईओ ने ऐसे बनाया खास
कालूराम का कहना हैं, कि ये पल उनके लिए अविस्मरणीय पल हैं.

भूपेश आचार्य, बाड़मेर: आम तौर पर ऐसी शिकायतें मिलती हैं कि बड़े अधिकारी अपने जूनियर कर्मचारियों का ख्याल नहीं रखते हैं लेकिन बाड़मेर जिला परिषद् के सीईओ मोहन दास रत्नू ने दफ्तर के चतुर्थवर्गीय कर्मचारी की रिटायरमेंट के बाद विदाई को यादगार बना दिया. 

कर्मचारी कालूराम को दफ्तर से विदा करने के लिए सीईओ ने खुद स्कॉर्पियो गाड़ी की ड्राइविंग सीट संभाल ली. कालूराम और उनके परिवार को घर तक छोड़ा. दरअसल, पूरा विदाई समारोह बारात के रूप में किया गया. कालूराम ने 32 साल में अपने दफ्तर में ईमानदारी से सेवा दी थी. जिसके चलते दफ्तर के सभी स्टाफ ने कालूराम की विदाई को कुछ खास अंदाज में करने की ठानी. 

कालूराम के बुजुर्ग पिता के साथ ही 50 लोगों को परिवार से बुलाया गया. उसके बाद ऑफिस में बड़ा कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिला परिषद के सीईओ और पूरे स्टाफ ने अनोखे तरीके से बारात की तरह विदाई दी गई. अपने इस शानदार विदाई समारोह से कालूराम की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. 

कालूराम का कहना हैं, कि ये पल उनके लिए अविस्मरणीय पल है. जिसे वो जीवन भर नहीं भूल पाएंगे. अपने चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी के विदाई का ये अनूठा अंदाज सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है. बाड़मेर में एक अधिकारी की कर्मचारियों के प्रति दरियादिली इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है.

जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहन दान रत्नू ने कहा, ये सब इसलिए किया गया क्योंकि कालूराम हमेशा अपनी ड्यूटी के प्रति वफादार था और उन्होंने 32 साल में जो सेवाएं दी थी वह अपने आप में काबिले तारीफ थी. जिसके चलते हमने उसकी विदाई को खास बनाया गया.

--सुजीत कुमार निरंजन, न्यूज डेस्क