तेजस्वी यादव के 'बाबू साहब' वाले पर बवाल, विरोधियों ने घेरा

राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा सोमवार (26 अक्टूबर) को एक चुनावी रैली में दिये बयान से विवाद उत्पन्न हो गया जिसमें उन्होंने कहा कि जब लालू यादव का राज था, तब गरीब सीना तान के ‘बाबू साहब’ के सामने चला करते थे. 

तेजस्वी यादव के 'बाबू साहब' वाले पर बवाल, विरोधियों ने घेरा
फाइल फोटो

रोहतास/ हसनपुरः राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा सोमवार (26 अक्टूबर) को एक चुनावी रैली में दिये बयान से विवाद उत्पन्न हो गया जिसमें उन्होंने कहा कि जब लालू यादव का राज था, तब गरीब सीना तान के ‘बाबू साहब’ के सामने चला करते थे. सत्तारूढ़ दलों के नेताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे ’’जातिवादी राजनीति’’ का प्रयास बताया है.

सर्वण जातियों के खिलाफ है तेजस्वी का बयान
तेजस्वी ने इसके साथ ही कहा कि राज्य में जब उनकी सरकार आएगी तो वे सब लोगों को साथ लेकर चलेंगे. उन्होंने यह भी दावा किया जो अपराध करेगा उसे सजा दी जायेगी, जो कर्मचारी काम करेंगे उन्हें सम्मान दिया जाएगा. महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव के इस बयान से राज्य में सियासत गरमा गई है. विपक्षी दलों ने उनकी इस टिप्पणी को जातीय और सवर्ण जातियों के खिलाफ बताया है. 

सुशील मोदी ने राजद पर लगाया जात-पात की राजनीति का आरोप
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं बिहार के उपमुख्मंत्री सुशील कुमार मोदी ने इस पर आपत्ति व्यक्त करते हुए अपने ट्वीट में कहा, ‘‘राजद ने आज रोहतास की सभा में सवर्ण जातियों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की है. राजद ने ऊंची जातियों के 10 % आरक्षण का भी विरोध किया था.’’ सुशील मोदी ने कहा कि वह बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के बयान की निंदा करते हैं. उन्होंने कहा कि राजद ने अगड़े और पिछड़े की राजनीति की है और ऊंची जातियों को गालियां देकर राजनीति को आगे बढ़ाया है. जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने तेजस्वी पर जात-पात की राजनीति करने का आरोप लगाया.

रैली में बोले तेजस्वी, दातून के चक्कर में पूरा वृक्ष ही नहीं उखाड़ दें
हसनपुर में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, ‘‘ यह समझ लें कि यहां से तेज प्रताप नहीं बल्कि लालू प्रसाद चुनाव लड़ रहे हैं. इसलिये एकजुट रहे और एक एक वोट तेज प्रताप और राजद को दें. ’’उन्होंने कहा, ‘‘ दातून के चक्कर में पूरा वृक्ष ही नहीं उखाड़ दें. एकजुट रहियेगा और बंटियेगा नहीं.’’ 

गौरतलब है कि लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव ने 2015 का चुनाव वैशाली के महुआ सीट से लड़ा था और इस बार वे अपनी पुरानी महुआ सीट छोड़कर समस्तीपुर की हसनपुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. हसनपुर में यादव समुदाय के मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या है. उनके खिलाफ इस सीट से जदयू के उम्मीदवार राजकुमार राय हैं और वह भी यादव समुदाय से आते हैं.