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बीकानेर: अब ऊंटनी के दूध से दूर होंगे डायबीटीज जैसे कई रोग, शोधकर्ताओं ने कहा...

पिछले कई सालों से बीकानेर के ऊंट अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक ऊंटनी के दूध के महत्व पर शोध कर उसे रोग प्रतिरोधक क्षमता दूसरे दूध से ज़्यादा होती हैं ये साबित कर चुके हैं. 

बीकानेर: अब ऊंटनी के दूध से दूर होंगे डायबीटीज जैसे कई रोग, शोधकर्ताओं ने कहा...
फाइल फोटो

रौनक व्यास, बीकानेर: देश में लाखों ऐसे लोग हैं जो शुगर जैसी बीमारी से पीड़ित हैं और उन मरीजों के लिए ये खबर कुछ खास है. अब दुनिया के बड़े शोधकर्ताओं ने कुछ ऐसा कर दिया हैं जिसे सुनकर आप हैरान हो जाएंगे. रेगिस्तान का जहाज कहा जाने वाला ऊंट अब लोगों की बीमारियों को भी दूर करेगा. 

अब कैमल मिल्क के प्रोडक्ट के बाद कैमल मिल्क प्रोटीन की टेबलेट लोगों का इलाज करेगी. ज़ोर्डन-फ़्रांस और इंडिया के शोधकर्ताओं ने कैमल मिल्क से निकाले 17 तरह के प्रोटीन. ये खबर चौंकाने और हैरान करने के साथ खुशी देने वाली है. जहां अब कैमल मिल्क से दुनिया के शोधकर्ता ऐसी ही कैमल मिल्क की प्रोटीन की टेबलेट ले कर आ रहे हैं. जो शुगर से लेकर कई बड़ी बीमारियों के लिए फायदेमंद साबित होगी.

पिछले कई सालों से बीकानेर के ऊंट अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक ऊंटनी के दूध के महत्व पर शोध कर उसे रोग प्रतिरोधक क्षमता दूसरे दूध से ज़्यादा होती हैं ये साबित कर चुके हैं. जहां पंजाब के मंद बुद्धि बच्चों को लगातार कैमल मिल्क पीलाकर किया गए शोध में ये साफ हो गया है कि कैमल मिल्क से बच्चों में विकास हुआ है. उसके बाद से शुगर, मंद बुद्धि सहित कई ऐसे रोगों को लेकर कैमल मिल्क पर शोध हुआ और उसके अच्छे परिणाम भी आए हैं.

जिसके बाद अब ज़ोर्डन, फ़्रांस और भारत के शोधकर्ता जल्द कैमल मिल्क से बनी प्रोटीन की टेबलेट लाने की तैयारी में हैं. जो इंसुलीन की जगह ज़्यादा असरदार और फायदेमंद होगी. बीकानेर के वरिष्ठ डॉक्टर और शोधकर डॉक्टर आरपी अग्रवाल का कहना हैं कि थोड़े लाइफ स्टाइल को बदलकर कैमल मिल्क का इस्तेमाल करें तो किसी भी दवा की जरूरत नहीं होगी. टाइप 1 डाइबिटिक में इंजेक्शन छुड़वाने के लिए हमने ज़ोर्डन, फ़्रांस के शोधकर्ताओं के साथ मिलकर शोध किया है. हमने ऐसे 17 प्रोटीन कैमल मिल्क से निकाल लिए हैं जो इंसुलीन की तरह हैं. 

पिछले कई सालों से कैमल मिल्क पर शोध कर रहे शोधकर्ता और बीकानेर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल रहे डॉक्टर अग्रवाल का कहना है कि अगर हम इंसुलीन की टेबलेट दें तो वो पेट में खराब हो जाती है लेकिन कैमल मिल्क की ये ख़ासबात हैं कि वो ख़राब नहीं होता. ऐसे में कैमल मिल्क बहुत फ़ायदेमंद साबित होगा.