जब स्कूल के प्रिंसिपल बन गए 'नाई', लाइन से काट डाले बच्चों के बाल, ये है पूरा मामला

हेड मास्टर का कहना है कि मना करने के बावजूद लंबे समय से ये बच्चे स्कूल में बाल रंगवाकर आते थे. इसके चलते पढ़ाई लिखाई में बच्चों का मन कम लगता था वो जब देखो तब बालों और फैशन की बातें किया करते थे. 

जब स्कूल के प्रिंसिपल बन गए 'नाई', लाइन से काट डाले बच्चों के बाल, ये है पूरा मामला
प्रिंसिपल ने अपने हाथों से छात्रों के बाल काटे.

बीरभूम: पश्चिम बंगाल (West Bengal) के बीरभूम (Birbhum) में एक अनोखा मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. दरअसल, यहां एक स्कूल के प्रिंसिपल ने छात्रों को लाइन से खड़ा कर उनके बाल काट दिए. इस पूरे घटकाक्रम के पीछे का राज काफी चौंकाने वाला है. दरअसल, प्रिंसिपल साहब स्कूली बच्चों के बाल कलर करने की आदत से खफा थे. 

युवाओं में बाल को कलर करने का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है. बाल रंगने का खुमार अब स्कूली बच्चों पर भी चढ़ गया है. बीरभूम लोहपुर के महाबीर राम मेमोरियल स्कूल के छात्रों ने भी लंबे बाल रखने और उन्हें कलर करना शुरू कर दिया. स्कूल के प्रिंसिपल को यह बात पसंद नहीं आई और उन्होंने मंगलवार (19 नवंबर) को उन सभी बच्चों को अपने ऑफिस में बुलवाया. बच्चों को लाइन से खड़ा कर उन्होंने अपने हाथों से सबके बाल काट दिए. 

हेड मास्टर का कहना है कि मना करने के बावजूद लंबे समय से ये बच्चे स्कूल में बाल रंगवाकर आते थे. इसके चलते पढ़ाई लिखाई में बच्चों का मन कम लगता था वो जब देखो तब बालों और फैशन की बातें किया करते थे. अन्य बच्चों पर भी इसका असर पड़ रहा था. इसलिए मैंने खुद ही उन बच्चों के बाल अपने हाथ से काट दिए.

आपको बता दें कि इसके पहले मुर्शिदाबाद के न्यू फरक्का हाई स्कूल ने इलाके के 40 नाई को बुलाकर स्कूली बच्चों के बाल कटवा दिए थे. इसके अलावा नाइयों की एक मीटिंग बुलाकर उन्हें कहा गया था कि अगर आपके पास स्कूल के बच्चे आएं तो साफ सुथरे तकीरे से उनका बाल काटें न की फैशनेबल तरीके से. 

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