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हाइब्रिड फार्मूले पर सरकार के यू टर्न को बीजेपी ने बताया अपनी जीत

बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया का कहना है कि बीजेपी के आंदोलन की तैयारी को देखकर सरकार डर गई थी जिसकी वजह से सरकार ने अब यू टर्न ले लिया है.

हाइब्रिड फार्मूले पर सरकार के यू टर्न को बीजेपी ने बताया अपनी जीत
सरकार के यू टर्न को बीजेपी ने बताया अपनी जीत

जयपुर: कांग्रेस सरकार ने निकाय चुनावों(muncipal election) में हाईब्रिड मॉडल(hybrid model) लागू तो कर दिया लेकिन इस फार्मूले को लेकर जमकर सियासी हंगामा हो रहा है । हाइब्रिड फार्मूले पर सिर्फ विपक्ष ही विरोध नहीं कर रहा है बल्कि कांग्रेस (congress)के अंदर ही विरोध की आवाजें बुलंद हो रही है.डिप्टी सीएम सचिन पायलट (sachin pilot) से लेकर मंत्री रमेश मीणा तक इस हाइब्रिड फार्मूले को लेकर विरोध में उतर आए है.
सचिन पायलट ने कहा था कि राजीव गांधी की पहल पर संविधान में जो संशोधन हुआ था, उसका उसका मुख्य उद्देश्य जनता की भागीदारी बढाना था. यदि कोई बिना चुनाव लड़े मेयर बनता है, तो यह गणतंत्र को मजबूत करने की संविधान की भावना के खिलाफ होगा.
अंदरखाने उपजे इस विरोध की वजह से स्वयं सरकार घिरती नजर आ रही थी तो सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर सफाई दी.लेकिन सरकार की इस सफाई को बीजेपी अपनी जीत बताने में जुट गई है.
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया का कहना है कि बीजेपी के आंदोलन की तैयारी को देखकर सरकार डर गई थी जिसकी वजह से सरकार ने अब यू टर्न ले लिया है.
डिप्टी सीएम सचिन पायलट जब हाइब्रिड फार्मूले को लेकर अपनी ही सरकार को कोसने लगे तो बीजेपी को मौका मिल गया. लेकिन निकाय चुनाव की तारीखों के ऐलान होने के बाद सरकार किसी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहती है क्योंकि बीजेपी इसे निकाय चुनाव में मुद्दा बनाने की तैयारी में है लिहाजा सीएम गहलोत ने खुद इस पर मोर्चा संभाल लिया है और नोटिफिकेशन जारी कर सफाई दी है.