ईद पर PPE किट पहनकर नमाज पढ़ने का मामला, BJP ने पार्टी नेता हाजी अराफात की मांग से किनारा किया

महाराष्ट्र में ईद पर मेडिकल पीपीई किट पहनकर नमाज पढ़ने की इजाजत की मांग से बीजेपी ने किनारा कर लिया है.

ईद पर PPE किट पहनकर नमाज पढ़ने का मामला, BJP ने पार्टी नेता हाजी अराफात की मांग से किनारा किया

मुंबई: महाराष्ट्र में ईद पर मेडिकल पीपीई किट पहनकर नमाज पढ़ने की इजाजत की मांग से बीजेपी ने किनारा कर लिया है. दरअसल, महाराष्ट्र बीजेपी के नेता अराफात ने पीपीई किट पहनकर ईद-उल-फितर की नमाज अदा करने की सरकार से इजाजत मांगने पर मुस्लिम धर्मगुरूओं और नेताओं के एतराज के बाद महाराष्ट्र बीजेपी ने इस मांग को पार्टी की नहीं, बल्कि हाजी अराफात की मांग करार देकर किनारा कर लिया है.

महाराष्ट्र बीजेपी के नेता और महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष हाजी अराफात ने अजीबो गरीब मांग कर बीजेपी को सांसत मे ला दिया है. अराफात ने ईद-उल-फितर की नमाज अदा करने के लिए मेडिकल पीपीइ किट पहने हुए नमाजियों को इजाजत देने की महाराष्ट्र सरकार से मांग की है. 

जिस पर अब बखेड़ा खड़ा हो गया है. हाजी अराफात न सिर्फ पार्टी में अलग-थलग पड़ गए हैं, बल्कि मुस्लिम धर्मगुरु और मुस्लिम नेताओं ने भी अराफात की इस मांग को गैरजरूरी करार दिया है. हाजी अराफात फडणवीस सरकार में राज्यमंत्री दर्जे के मंत्री रहे हैं.

मुंबई में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है. महाराष्ट्र देश का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बना हुआ है. मुंबई समेत महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमितों की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है. सूबे में कोरोना सँक्रमण से अबतक 1454 लोग दम तोड़ चुके हैं.

और महाराष्ट्र भर में कोविड 19 के संक्रमितों की संख्या 41642 पहुंच गई है. लॉकडाउन मे मंदिर मस्जिद और सभी धार्मिक आयोजनों पर पाबंदी लगी हुई है. ऐसे में बीजेपी नेता की नमाज की जमात के साथ इजाजत की मांग पर मुस्लिम नेताओं ने एतराज जताया है.

कोरोना की रोकथाम मे सरकारी अमले को जरूरी मेडिकल पीपीई किट की दरकार है. और ऐसे में बीजेपी के नेता की अजीबोगरीब मांग से सब हैरान हैं.

महाराष्ट्र अल्पसंख्ययक आयोग के पूर्व अध्यक्ष हाजी अराफात ने पीपीई किट पहनकर ईद की नमाज पढ़ने की इजाजत देने की बात कही थी.

अपनी मांग को जायज ठहराने के लिए अराफात ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के मंत्रीमंडल में मौजूद मुस्लिम मंत्रियों को भी इस मांग को उठाने की अपील की थी.

इसी तरह से इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकील शाहिद अली सिद्दीकी ने याचिका दायर कर अदालत से अनुरोध किया था कि अदालत राज्य सरकार को निर्देश दे कि वह एक घंटे के लिए (9:00 बजे से)  जमात में ईद-उल-फितर की नमाज और जुमे की नमाज अदा करने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित मस्जिदों / ईदगाहों को खोलें. हालांकि इस मामले में अदालत ने याचिकाकर्ता को सरकार के पास जाकर अपनी मांगें रखने को लेकर ताकीद किया है. 

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