अस्‍पताल के बाहर बड़ा पाव और पकौड़े के स्‍टाल लगाने पर लगेगा बैन, BMC का फैसला

बीएमसी सारे सरकारी स्कूलों को भी यह नोटिस जल्द ही भेज सकती है. यानी अब सरकारी स्कूलो के 100 मीटर के दायरे में आने वाले सारे खाने-पीने के पदार्थों के स्टॉल्स को हटाया जाएगा.

अस्‍पताल के बाहर बड़ा पाव और पकौड़े के स्‍टाल लगाने पर लगेगा बैन, BMC का फैसला

अमित कोटेचा, मुंबई: सरकारी अस्पतालो में भर्ती मरीजों की सेहत दुरुस्‍त रहे इसीलिए अस्पताल के बाहर लगे वडापाव और अन्य खाने-पीने की चीजों के स्टॉल्स पर पाबंदी लगाई जाएगी. इसका निर्णय बीएमसी ने लिया है. बीएमसी के द्वारा जारी नोटिस के मुताबिक सरकारी अस्पताल के 100 मीटर के दायरे में किसी भी खाद्य पदार्थों के स्टॉल्स नहीं लगेंगे. अस्पताल में भर्ती मरीजों के रिश्तेदारों की सेहत यह खाना खाकर खराब हो जाती है, इसीलिए यह फैसला बीएमसी ने लिया गया है. बीजेपी ने बीएमसी के इस निर्णय का स्वागत किया है, लेकिन अस्पताल के कैंटीन में मिलने वाले खाने की क्वालिटी की शिकायत भी की है.

सरकारी अस्पतालों में इलाज करवा रहे मरीजों के रिश्तेदार अक्सर किफायती खाना पसंद करते हैं. इसी वजह से पेट भरने के लिए वह गेट के बाहर लगे स्टॉल से बड़ा पाव, पकोड़े या समोसे खा लेते हैं. यही खाना लगातार खाने की वजह से वह कई बीमारियों का शिकार हो जाते हैं. अब देश की सबसे अमीर महानगरपालिका यानी बीएमसी ने यह फैसला लिया है के 100 बेड या उससे ज्यादा बेड वाले अस्पताल के 100 मीटर के दायरे में किसी भी तरह के खाने पीने पदार्थों के स्टॉल्स हटाए जाएंगे.

सूत्रों के मुताबिक बीएमसी सारे सरकारी स्कूलों को भी यह नोटिस जल्द ही भेज सकती है. यानी अब सरकारी स्कूलो के 100 मीटर के दायरे में आने वाले सारे खाने-पीने के पदार्थों के स्टॉल्स को हटाया जाएगा ताकि बच्चे किसी भी तरह की बीमारी का शिकार ना हों.

बीएमसी में बीजेपी के नेता मनोज कोटक का कहना है कि पार्टी बीएमसी के इस निर्णय का स्वागत करती है. लेकिन उन्होंने सरकारी अस्पताल के कैंटीन में बनाए जाने वाले खाने की क्वालिटी पर भी सवाल उठाया है. मनोज कोटक का कहना है के बीएमसी के गेट के बाहर अगर यह सारे स्टॉल्स को हटा दिया जा रहा है तो बीएमसी को अपने अस्पताल की कैंटीन में बन रहे खाने की क्वालिटी को भी बढ़ाना बहुत जरूरी है.

बता दें कि नवंबर 2017 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी फेरी वालों को लेकर एक अहम फैसला सुनाया था. इस फैसले के तहत किसी भी रेलवे स्टेशन, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन या अस्पताल के 100 मीटर के दायर में कोई भी फेरीवाला नहीं रहेगा.