close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

महाराष्ट्र: 8 साल का सिद्धार्थ दो डिब्बे पानी लाने के लिए करता है ट्रेन से यात्रा

सिद्धार्थ बताता है कि मैं ट्रेन से सफर करके हर दिन दो जार पानी भर के लाता हूं. जब मैं ट्रेन से पानी भरे जार लेकर मुकुंदवाड़ी उतरता हूं तो मेरे साथ इलाके के लोग मदद करते हैं. 

महाराष्ट्र: 8 साल का सिद्धार्थ दो डिब्बे पानी लाने के लिए करता है ट्रेन से यात्रा
मुकुंदवाड़ी के निवासी भगवान का कहना है कि इलाके में घर के कामों के लिए यहां तक की ट़ॉयलेट के लिए भी पानी नही है.

औरंगाबाद: महाराष्ट्र के औरंगाबाद का 8 साल का सिद्धार्थ पानी के लिए रोज जान पर खेलता है. ट्रेन से यात्रा कर यह अपने परिवार के लिए दो डिब्बे पानी लाता है. सिद्धार्थ जैसे कई लोग ट्रेन से यात्रा कर पानी लाते हैं. मराठवाड़ा औरंगाबाद के मुंकदवाड़ी में यह 8 साल का बच्चा रहता है. वह परिवार के लिए पानी लाने के लिए ट्रेन से यात्रा करता है. मुकुंदवाड़ी में गर्मी और सूखे से आसपास के क्षेत्र में पानी की भारी किल्लत है. इसीलिए उसे पीने योग्य पानी के लिए एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन जाना पड़ता है.

दरअसल, औरंगाबाद के रेलवे स्टेशन पर पानी उपलब्ध है. औरंगाबाद-हैदराबाद पैसेंजर मुकुंदवाड़ी स्टेशन पर दो मिनट के लिए रुकती है तो सिद्धार्थ और अन्य लोग इस ट्रेन मे चढ़ते हैं. दो डिब्बे लेकर सिद्धार्थ भी इसी ट्रेन में चढ़ता है. उसके लिए यह रोज की दिनचर्या है. अगले रेलवे स्टेशन पर सिद्धार्थ उतरता है और वहां के पब्लिक टॉयलेट के पानी के नल से दो डिब्बे पानी भरता है. जो घर के कामों के लिए उपयोग में लाया जा सके. पानी भरने के बाद वह मुकुंदवाड़ी जाने के लिए फिर स्टेशन पर रुकता है.

आधे घंटे बाद मुकुंदवाड़ी के लिए जाने के लिए ट्रेन आती है. उसमें बैठता है. फिर ट्रेन दो मिनट के लिए मुकुंदवाड़ी रुकती है तो सिद्धार्थ दो डिब्बे पानी लिए ट्रेन से उतरता है. पिछले दो महीने से सिद्धार्थ पानी के लिए यही एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन का सफर कर रहा है. सिद्धार्थ के जैसे मुकुंदवाड़ी के कई लोग पानी के लिए ट्रेन का सफर कर रहे है. सिद्धार्थ की मां ज्योति का कहना है कि क्या करे मजबूरी है, बच्चा ट्रेन से पानी लाने जाता है, तो डर लगता है लेकिन कुछ विकल्प भी नही है. 

सिद्धार्थ बताता है कि मैं ट्रेन से सफर करके हर दिन दो जार पानी भर के लाता हूं. जब मैं ट्रेन से पानी भरे जार लेकर मुकुंदवाड़ी उतरता हूं तो मेरे साथ इलाके के लोग मदद करते हैं. मुकुंदवाड़ी के निवासी भगवान का कहना है कि इलाके में घर के कामों के लिए यहां तक की ट़ॉयलेट के लिए भी पानी नही है. हमें ट्रेन से दूसरे रेलवे स्टेशन तक पानी लाने के लिए जाना पड़ता है. औरंगाबाद नगर निगम प्रशासन को हमारे लिए पानी की व्यवस्था करनी चाहिए.