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बूंदी: चंबल नदी के जल स्तर के कारण डूबने की कगार पर पहुंचे 11 से अधिक गांव

चंबल नदी मे बढ़े जल स्तर से सहायक मेज नदी का जल स्तर बढ़ गया और नदी का पानी गावों के चारों तरफ फैल गया है.

बूंदी: चंबल नदी के जल स्तर के कारण डूबने की कगार पर पहुंचे 11 से अधिक गांव
नदियों में बांध से छोड़े जाने वाले पानी से कई जिलों में हालात बिगड़ गए हैं.

बूंदी: चंबल नदी में बढ़ रहे जल स्तर के कारण बूंदी जिले के लाखेरी उपखंड के 11 से अधिक गांव डूबने के कगार पर पहुंच गए हैं. खबर के मुताबिक गावों का संपर्क बड़े कस्बों से कट गया है. वहीं, कई गांव टापू बन गए हैं. 

अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक जिले के अंतिम छोर पर स्थित शहणपुर गांव के तीनों ओर चंबल नदी का पानी फैल गया है. संखावदा काकरा मेज, पाली, बसवाडा, बडाखेडा, करिरिया बड़गांव, सामरा पीपलदा थाग गांवो का उपखंड मुख्‍यालय लाखेरी से संपर्क कट गया है. फिलहाल इन गावों के आसपास चंबल नदी का पानी भरने से खेत जलमग्न हो गए हैं. 

वहीं, ग्रामीणों ने जरूरी सामानों के साथ मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है. चंबल नदी मे बढ़े जल स्तर से सहायक मेज नदी का जल स्तर बढ़ गया और नदी का पानी गावों के चारों तरफ फैल गया है. प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित गावों मे एसडीआरएफ की टीम को तैनात किया ताकि जरूरत पड़ने पर राहत व बचाव कार्य को किया जा सके.

बता दें कि, लगातार हो रही बारिश और नदियों में बांध से छोड़े जाने वाले पानी से कई जिलों में हालात बिगड़ गए हैं. बारिश और बाढ़ से सबसे ज्यादा कोटा, बांसवाड़ा, झालावाड़, प्रतापगढ़, पाली और धौलपुर में हालात खराब हैं.

गौरतलब है कि प्रदेश में मुसलाधार बारिश के कारण राजस्थान के कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है जिसके कारण कोटा ही नहीं प्रतापगढ़़ जिले के भी सौ से अधिक गांव का संपर्क एक-दूसरे टूट गया है. सड़कों पर पानी का सैलाब आ गया है. बारिश के कारण लोगों का घरों से निकलना दुर्भर हो गया है.