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राजस्थान में जल्द हो सकता है मंत्रिमंडल का विस्तार, 3 मंत्रियों की होगी छुट्टी!

बसपा विधायकों के कांग्रेस में आने से अचानक बदले घटनाक्रम के चलते अब मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी शुरू हो गई है. लिहाजा मौजूदा मंत्रियों और मंत्री बनने की हसरत पाले बैठे विधायकों की धड़कने बढ़ गई है.

राजस्थान में जल्द हो सकता है मंत्रिमंडल का विस्तार, 3 मंत्रियों की होगी छुट्टी!
वर्किंग परफोर्मेंस के आधार पर करीब तीन मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी होने के पूरे आसार है.

जयपुर: बसपा के छह विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के बाद अब राजस्थान मंत्रिमंडल विस्तार की कवायद शुरु हो गई है. सूत्रों की अगर माने तो परफॉर्मेंस और सियासी समीकरण के आधार पर मौजूदा मंत्रियों में दो से तीन की छुट्टी हो सकती है. उनकी जगह कांग्रेस कोटे से तीन से चार विधायक मंत्री बनाए जा सकते हैं. दो बसपा के और दो निर्दलीय विधायकों को भी मंत्री बनाया जाएगा. लेकिन सवाल ये कि सत्ता और संगठन के बीच चल रही खींचतान के दौरान विस्तार के समीकरण कैसे साधे जाएंगे.

बसपा विधायकों के कांग्रेस में आने से अचानक बदले घटनाक्रम के चलते अब मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी शुरू हो गई है. लिहाजा मौजूदा मंत्रियों और मंत्री बनने की हसरत पाले बैठे विधायकों की धड़कने बढ़ गई है. सूत्रों की मानें तो नवरात्र में मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार हो सकता है. जातिगत-सियासी समीकरण और वर्किंग परफोर्मेंस के आधार पर करीब तीन मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी होने के पूरे आसार है. 

वहीं, जयपुर, भरतपुर और बीकानेर संभाग से एक-एक मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है. ऐसे में फिर उनकी जगह सीएम गहलोत अपने खास पुराने विधायकों को मंत्री पद से नवाजेंगे इस बात की पूरी संभावना है. साथ ही, बसपा से 2 विधायकों का मंत्री बनना लगभग तय है. इसके अलावा दो से तीन निर्दलीय विधायकों का भी मंत्री बनाया जा सकता है. ऐसे में फेरबदल और विस्तार के तहत सात से आठ विधायकों का मंत्री बनाया जा सकता है. 

फिलहाल, अभी गहलोत मंत्रिमंडल में 25 मंत्री है और पांच मंत्रियों का कोटा खाली है. इसके अलावा बसपा विधायकों और कांग्रेस के एसोसिएट विधायकों को भी राजनीतिक नियुक्तियों और संसदीय सचिव के तौर पर खुश किया जा सकता है. जानकारी मिली है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक मोटा खाका राजनीतिक नियुक्तियों और मंत्रिमंडल विस्तार का तैयार कर रखा है.

बसपा विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर कवायद तेज होने पर पीसीसी चीफ सचिन पायलट का भी बयान आया है. पीसीसी सचिन पायलट ने बसपा विधायकों के पार्टी में बिना कंडीशन के शामिल होने पर जोर देते हुए कहा है की राजनीतिक नियुक्तियों और अन्य भूमिकाओं में उसी कार्यकर्ता को तवज्जो मिलनी चाहिए जिसमें पार्टी के लिए खून पसीना बहाया हो इसमें तेरा मेरा जैसी भावना शामिल नहीं होनी चाहिए.

मंत्रिमण्डल फेरबदल-विस्तार कब और कैसे होगा यह सीएम का विशेषाधिकार है. लिहाजा कोई भी मंत्री क्या कांग्रेसी नेता कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं. लेकिन अब कुनबा बढ़ने के अचानक घटे सियासी घटनाक्रम के चलते चर्चाओं के पंख लग गए हैं. लिहाजा अब केवल संगठन से औपचारिक चर्चा और सीएम के दिल्ली दौरे पर सोनिया गांधी से मंजूरी मिलने की देर है. देखना होगा कि इस विस्तार में किस विधायक की किस्मत चमकती है और किसका मंत्री पद छीना जाता है.