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क्या बंद होने जा रहे हैं देश के 50 फीसदी ATM?, सरकार ने दिया ये जवाब

वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ल ने कहा, ‘सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अपने एटीएम को बंद करने की उनकी कोई योजना नहीं है.’

क्या बंद होने जा रहे हैं देश के 50 फीसदी ATM?, सरकार ने दिया ये जवाब
(प्रतीकात्मक फोटो)

नई  दिल्ली: सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में बताया कि देश भर में लगभग 50 फीसदी एटीएम बंद करने की कोई योजना नहीं है.कांग्रेस सदस्य मोतीलाल वोरा के एक सवाल के लिखित जवाब में वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ल ने राज्यसभा को यह जानकीर दी. 

शुक्ल ने बताया, ‘सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अपने एटीएम को बंद करने की उनकी कोई योजना नहीं है.’ मोतीलाल वोरा ने सरकार से सवाल पूछा था कि क्या मार्च 2019 से देश भर में लगभग 50 फीसदी एटीएम बंद हो जाएंगे.

बैंकों के 7500 से अधिक बकायेदारों पर 93 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि बकाया
वहीं सरकार ने संसद मे इस बात को माना है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के 7500 से अधिक बकायेदारों पर 93 हजार करोड़ रुपये से अधिक बकाया राशि है. बैंकों ने इन्हें इरादतन चूककर्ता के रूप में चिन्हित करते हुए इनमें से 185 बकायेदारों पर 100 करोड़ रुपये से अधिक बकाया होने की जानकारी दी है. 

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी. कांग्रेस के विवेक तन्खा के सवाल के जवाब में जेटली ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सूचना के आधार पर बताया कि सितबंर 2017 को खत्म हुई तिमाही के संबंध में इस साल सात दिसंबर तक की स्थिति के अनुसार 7562 कर्जदारों को कर्ज न चुकाने वाले इरादतन चूककर्ताओं के रूप में चिन्हित कर इन पर 93355.32 करोड़ रुपये बकाया राशि होने की जानकारी दी है. 

जेटली ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से इस बारे में मिले आंकड़ों के आधार पर बताया कि 100 करोड़ रुपये से अधिक राशि वाले 185 बकायेदारों पर 42978.78 करोड़ रुपये बकाया राशि है. आरबीआई ने सूचित किया है कि एक करोड़ रुपये या इससे अधिक राशि के वाद दायर चूककर्ताओं तथा 25 लाख और इससे अधिक राशि के वाद दायर इरादतन चूककर्ताओं की सूची ऋण सूचना कंपनियों की वेबसाइट पर डाल कर दी गयी है. 

इसके अलावा 500 करोड़ रुपये से अधिक राशि के बकायेदारों की सूची सीलबंद लिफाफे में उच्चतम न्यायालय को इस अनुरोध के साथ मुहैया करा दी गयी है कि यह गोपनीय जानकारी है इसलिये इसे सार्वजनिक न किया जाये. जेटली ने सरकारी क्षेत्र के बैंकों द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार इस साल 30 सितंबर तक इरादतन चूककर्ताओं के विरूद्ध 257 प्राथिमिकी दर्ज कर इनसे वसूली के लिये 9363 वाद दायर किए गए.

(इनपुट - भाषा)