जयपुर में शादी रचाने का है अगर प्लान, तो इन बातों का जरुर रखें ध्यान!

जयपुर(Jaipur) में शादियों के लिए अगर आप मैरिज गार्डन बुक करा रहे है तो इन बातों का जरुर ध्यान रखें.

जयपुर में शादी रचाने का है अगर प्लान, तो इन बातों का जरुर रखें ध्यान!
शहर में 500 से अधिक मैरिज गार्डन हैं.

जयपुर: जयपुर(Jaipur) में शादियों के लिए अगर आप मैरिज गार्डन बुक करा रहे है तो मैरिज गार्डन बुक कराने से पहले मैरिज लॉन(Marriage Lawn) और मैरिज गार्डन की फायर एनओसी जरुर चेक कर लें. क्योंकि जिला कलक्टर ने आदेश दिए हैं कि बिना एनओसी वाले गार्डन सीज होंगे. अगर आपने ऐसा नहीं किया तो हो सकता है जिस मैरिज गार्डन को आपने बुक किया है और उसके पास एनओसी(NOC) नहीं है तो आपकी शादी समारोह(Marriage Ceremony) में खलल पड़ सकती है.

आपको बता दें कि 8 नवंबर से शादियां शुरु हो रही हैं. 8 नवंबर को पहला सावा है..इस तरह जयपुर में शादियों के सीजन में करीब 1500 से ज्यादा विवाद होंगे. लेकिन शहर के कई ऐसे मैरिज गार्डन्स है जहां पर सुरक्षा इंतजामों(Security Arrangments) की अनदेखी की जा रही है फायर उपकरणों(Fire Equipment) के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं हैं.

मैरिज गार्डन संचालक डेकोरेशन पर फोकस करते है लेकिन सुरक्षा व्यवस्थाओं की अनदेखी करते हैं. जिसके चलते कई बार हादसे भी हो चुके हैं. जिसके बाद जयपुर कलक्टर जगरूप सिंह यादव ने नगर निगम अधिकारियों को बिना फायर एनओसी के चल रहे मैरिज गार्डनों को सीज करने के आदेश दिए हैं. साथ ही ये भी तय करने के आदेश दिए हैं कि सभी मैरिज गार्डन्स के पास फायर एनओसी होना जरुरी है. मैरिज गार्डन्स में आग लगने की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए ये जिला प्रशासन ने ये फैसला लिया है. लेकिन इसके बाद भी अगर कोई भी मैरिज गार्डन बिना फायर एनओसी के संचालन करता पाया गया तो उसे सीज कर दिया जाएगा. साथ ही कलक्टर ने आयोजनकर्ताओं से भी अपील कि है कि वो मैरिज गार्डन बुक कराते समय फायर एनओसी जरुर चेक करें.

आपको बता दें कि शहर में 500 से अधिक मैरिज गार्डन हैं. इनमें से ढाई सौ के करीब ही रजिस्टर्ड हैं. इनमे भी खास बात ये है कि ढाई सौ में से सिर्फ 50 मैरिज गार्डन के पास ही सिर्फ फायर इनओसी है नगर निगम का सर्वे ना होने की वजह से निगम ना तो प्रॉपर्टी तलाश कर पा रहा है और नहीं पहले से रजिस्टर्ड मैरिज गार्डन से फायर एनओसी के रूप में शुल्क वसूल कर पा रहा है.

शहर के बाहरी इलाकों में तो अधिकतर मैरिज गार्डन बिना नगर निगम की अनुमति और बगैर फायर एनओसी के ही चल रहे हैं. जिसको देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है और बिना एनओसी वाले मैरिज गार्डन को सीज करने का आदेश दिया है.

Edited By: Lalit Dubey, News Desk