छत्तीसगढ़ की राजनीति में सादगी और सरलता के लिए मशहूर है 'राजा' टीएस सिंह देव

साल 2008 में हुए विधानसभा चुनावों में टीएस सिंह देव ने पहली बार चुनाव लड़ा. वह सरगुजा जिले की अंबिकापुर सीट से चुनाव मैदान में उतरे.

छत्तीसगढ़ की राजनीति में सादगी और सरलता के लिए मशहूर है 'राजा' टीएस सिंह देव
फाइल फोटो- DNA

नई दिल्लीः छत्तीसगढ़ की राजनीति में टीएस सिंह देव का नाम वरिष्ठ नेताओं में शुमार होता है. 31 अक्टूबर 1951 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) में जन्में टीएस सिंह देव का पूरा नाम त्रिभुवनेश्वर शरण सिंह देव है. टीएस सिंह देव वर्तमान में छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष है. इस बार उन्हें कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार भी माना जा रहा है.

टीएस सिंह देव सरगुजा रियासत के राजा हैं और लोग उन्हें प्यार से टीएस बाबा के नाम से पुकारते हैं. टीएस बाबा ने इतिहास में एमए किया है. वह भोपाल के हमीदिया कॉलेज के छात्र रहे हैं.

राजनीतिक सफर
टीएस सिंह देव के राजनीतिक जीवन की शुरुआत साल 1983 में अंबिकापुर (तब मध्य प्रदेश) नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष चुने जाने के साथ हुई. सार्वजनिक जीवन में उनके सीधे, सरल स्वभाव और उदार व्यवहार के कारण ही वह 10 साल तक इस पद पर बने रहे. साल 2003 में टीएस सिंह देव छत्तीसगढ़ राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष रहे. 


फोटो- फेसबुक- TS BABA

बेहद टक्कर के मुकाबले से जीता पहला चुनाव
साल 2008 में हुए विधानसभा चुनावों में टीएस सिंह देव ने पहली बार चुनाव लड़ा. वह सरगुजा जिले की अंबिकापुर सीट से चुनाव मैदान में उतरे और उन्होंने बीजेपी के अनुराग सिंह देव को 948 वोटों से हराया. साल 2013 के चुनाव में भी टीएस सिंह देव अंबिकापुर से ही मैदान में उतरे इस बार भी उनका मुकाबला बीजेपी के अनुराग सिंह देव से ही था. साल 2013 के चुनाव में टीएस बाबा ने अनुराग सिंह को 19 हजार से ज्यादा वोटों से हराया. 6 जनवरी 2014 को टीएस सिंह देव छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता विपक्ष चुने गए. 


फोटो- फेसबुक- TS BABA 

टीएस सिंह देव 2008 से अंबिकापुर विधानसभा सीट से चुनाव जीतते आ रहे हैं. इस बार भी वे इसी सीट से चुनाव मैदान में है और उनका मुकाबला एक बार फिर बीजेपी अनुराग सिंह देव से है.

राज्य के सबसे अमीर विधायक
साल 2013 में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान दिए गए शपथ पत्र के मुताबिक टीएस सिंह देव 500 करोड़ से अधिक की संपत्ति के मालिक हैं. वह छत्तीसगढ़ के सबसे अमीर विधायक हैं. अंबिकापुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ते समय दाखिल किए गए अपने में टीएस बाबा ने 514 करोड़ की संपत्ति का शपथपत्र दिया था. 

अंबिकापुर में अधिकांश संपत्ति के मालिक हैं टीएस बाबा 
सरगुजा रियासत के राज परिवार से ताल्लुक रखने वाले टीएस सिंह देव की अंबिकापुर में इतनी संपत्ति है कि उन्हें खुद भी नहीं पता है. इलाके में जहां नजर जाती है वहां टीएस बाबा के घराने की संपत्ति ही दिखाई देती है. फिर चाहे वो  सरकारी इमारते (स्कूल-अस्पताल आदि) हों, मकान या यात्रियों के लिए बनाए गए होटल अधिकांश पर इन्हीं के राज परिवार का मालिकाना हक है. इतनी बड़ी रियासत का मालिक होने के बावजूद टीएस बाबा का रहन सहन बेहद सादगी भरा है. वह हमेशा सिंपल कुर्ते पायजामे में ही नजर आते हैं.