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चूरू: यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर 29 हजार लोगों पर हुआ जुर्माना

देश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए रोकथाम के लिए केन्द्र सरकार की ओर से जुर्माना राशि में बढ़ोत्तरी का फैसला किया गया है. 

चूरू: यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर 29 हजार लोगों पर हुआ जुर्माना
दुर्घटना में दोपहिया वाहन चालक की मौत का सबसे बड़ा कारण हेलमेट नहीं लगना रहा है

नरेन्द्र राठौड़, चूरू: जनवरी से लेकर अबतक यातायात पुलिस नियमों का उल्लंघन करने पर करीब 29 हजार व्यक्तियों का चालान कर 68 लाख 33 हजार से अधिक वसूल कर चुकी है फिर भी जिलेवासियों की आदत में सुधार नहीं रहा है. देश में हर साल करीब डेढ़ लाख लोगों की मौत सड़क हादसों में होती है, 50 हजार लोग दिव्यांग हो जाते है. 

इसके बाद भी लोग में यातायात नियमों का उल्लंघन करने में अपनी शान समझते हैं. इसमें विशेषकर युवा वर्ग की संख्या अधिक है. चूरू जिले की बात करें तो जनवरी से लेकर अबतक यातायात पुलिस नियमों का उल्लंघन करने पर करीब 29 हजार व्यक्तियों का चालान कर 68 लाख 33 हजार से अधिक वसूल कर चुकी है फिर भी जिलेवासियों की आदत में सुधार नहीं रहा है. हालांकि, पुलिस की ओर से समय-समय पर समझाइश अभियान चलाया जाता है, लेकिन जिलेवासियों की आदत में सुधार नहीं हो रहा है.

देश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए रोकथाम के लिए केन्द्र सरकार की ओर से जुर्माना राशि में बढ़ोत्तरी का फैसला किया गया है. हालांकि, जुर्माना राशि निर्धारित करने का अंतिम फैसला राज्य सरकार का होगा. जानकारों की माने तो दुर्घटना में दोपहिया वाहन चालक की मौत का सबसे बड़ा कारण हेलमेट नहीं लगना रहा है. यातायात पुलिस अधिकारियों की माने तो दोपहिया वाहन चालक इसे बोझ समझते हैं. तेज रफ्तार के चलते नियंत्रण नहीं रख पाने से दुर्घटना का शिकार हो जाता है. ऐसे में कई घरों के चिराग बुझ गए हैं.

सर्वाधिक तेज गति और हेलमेट
यातायात पुलिस की माने तो शहर में जनवरी से अगस्त तक सर्वाधिक जुर्माने तेज गति से वाहन चालकों पर लगाए गए. तेज गति से वाहन चलाने पर 9,488 का चालान कर 21,95,200 जुर्माना राशि वसूली गई. वहीं वाहन चलाते समय हेलमेट का प्रयोग नहीं करने वाले 4,727 पर कार्रवाई करते हुए 4,89,700 रुपए का जुर्माना लगाया गया है.

पटाखा साइलेंसर बने मुसीबत
शहर के गली-मोहल्लों में इन दिनों पटाखा साइलेंसर मुसीबत का कारण बने हुए हैं. पटाखा बाइक का शौक 18-24 साल के युवाओं में अधिक है. लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए महंगे चश्मे और डेढ़ से दो लाख तक की बाइक लेकर घूमते हैं. 

शोरूम से बाइक को निकालने के बाद मोडीफाइड कराने के लिए सीधे मिस्त्री के पास ले जाते हैं. ग्रिप, हैंडल, सीट कवर बदलवाने के साथ पटाखा साइलेंसर लगाए जाते हैं. जानकारों ने बताया कि इनमें जाली लगी होती है. जो कि आवाज को कम करती है. युवा वर्ग इस जाली को हटवा देते हैं. इसके बदले तेज आवाज करने वाले पटाखा साइलेंसर लगवाते हैं. हालांकि, इससे इंजन जल्दी खराब होता है, लेकिन कुछ अलग दिखने के चक्कर में युवा ऐसा कर रहे हैं.

शहर के प्रमुख चौराहे
गढ़ चौराहा, लाल घंटाघर, रेलवे स्टेशन, कलक्ट्रेट सर्किल, अग्रसेन नगर, पुलिस लाइन, नया बास, पंखा आदि शामिल हैं. पुलिस की ओर से समय-समय पर वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए समझाइश की जाती है. नियम तोड़ने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर जुर्माना राशि वसूली जाती है.