पंजाब: सिटी सेंटर केस में CM अमरिंदर सिंह सहित सभी आरोपियों को क्लीन चिट

विजिलैंस की क्लोजर रिपोर्ट अदालत ने मंजूर की और लुधियाना की जिला एवं सेशन कोर्ट ने सुनाया फैसला 

पंजाब: सिटी सेंटर केस में CM अमरिंदर सिंह सहित सभी आरोपियों को क्लीन चिट
फाइल फोटो

भारत शर्मा, लुधियाना: पंजाब के चर्चित सिटी सेंटर लुधियाना के तथाकथित बहुकरोड़ी घोटाले में विजिलेंस द्वारा दाखिल की गई केस की क्लोजर रिपोर्ट को अदालत ने मंजूर कर लिया है. जिससे इस केस में आरोपी बनाये गए पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) सहित सभी आरोपियों को क्लीन चिट मिल गयी है. लुधियाना की जिला एवं सैशन जज गुरबीर सिंह की अदालत में आज सुनवाई हुई. जिसमें अदालत के निर्देशानुसार आरोपी पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, व अन्य उपस्थित थे. सुनवाई के चलते कोर्ट कांप्लेक्स व आस पास कड़े सुरक्षा प्रबंध थे. सुबह से हरेक को कड़ी सुरक्षा जांच के बाद कोर्ट कांप्लेक्स में दाखिल होने दिया जा रहा था.

मालूम रहे कि विजिलेंस ब्यूरो ने पहले ही सिटी सेंटर घोटाले में एक क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की हुई है और 12 साल पहले इस एजेंसी ने मामले में एफआईआर दर्ज की थी. विजिलेंस ने अगस्त 2017 में मामले में क्लोजर रिपोर्ट दायर की थी, जिसके बाद कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट पर दलीलें सुननी शुरू कर दी थीं. जबकि पंजाब अभियोजन विभाग ने क्लोजर रिपोर्ट के पक्ष में तर्क दिया था क्योंकि उन्होंने पंजाब विजिलेंस का प्रतिनिधित्व किया. सुनवाई के दौरान कई याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था, जिसमें क्लोजर रिपोर्ट की वैधता पर ही सवाल उठाया गया था और अदालत ने इसे खारिज करने की मांग की थी.

क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती देने वालों में पंजाब पुलिस के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी, पूर्व विजिलेंस एसएसपी कंवर पाल सिंह संधू, विधायक (आत्म नगर) निर्वाचन क्षेत्र सिमरजीत सिंह बैंस और आर्किटेक्ट सिटी सेंटर सुनील कुमार डे शामिल थे. इन सभी ने दायर अलग अलग याचिकाओं के माध्यम से क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करने की मांग की गई थी लेकिन इन्हें कोर्ट ने खारिज कर दिया. माननीय अदालत द्वारा विजिलेंस ब्यूरो की क्लोजर रिपोर्ट को लेकर अपना फैसला सुनाया गया.

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डायरेक्टर प्रॉसिक्यूशन विजय सिंगला ने बताया कि लम्बी सुनवाई के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है. साल 2007 में कुल 36 व्यक्तियो पर केस दर्ज हुआ था, जिनमें से 5 की मौत हो गई थी. जांच के दौरान तथ्यों के आधार पर विजिलेंस ने क्लोजर रिपोर्ट पेश की थी.