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12 सितंबर को कांग्रेस की बैठक में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंचे सीएम अशोक गहलोत

वहीं 12 सितंबर यानी कल होने वाली कांग्रेस की बैठक की बात करें तो माना जा रहा है कि कांग्रेस के लिए यह बैठक काफी अहम होने वाली है. 

12 सितंबर को कांग्रेस की बैठक में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंचे सीएम अशोक गहलोत
फाइल फोटो

नई दिल्ली: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार को नई दिल्ली पहुंचे. अशोक गहलोत एयरपोर्ट से सीधे जोधपुर हाउस के लिए ही रवाना हुए. आपको बता दें, अशोक गहलोत यहां 12 सितंबर को होने वाली कांग्रेस की अहम बैठक में शामिल होंगे. 

हालांकि, उससे पहले वह सोनिया गांधी से अलग से भी मुलाकात करेंगे. इस दौरान वह प्रदेश की राजनीति को लेकर सोनिया गांधी से चर्चा करेंगे और प्रदेश में होने वाले उपचुनाव और लोकल बॉडी चुनाव पर बात करेंगे. साथ ही इस दौरान प्रदेश संगठन में बदलावों को लेकर भी सीएम गहलोत सोनिया गांधी से चर्चा करके कुछ फैसले कर सकते हैं. 

वहीं 12 सितंबर यानी कल होने वाली कांग्रेस की बैठक की बात करें तो माना जा रहा है कि कांग्रेस के लिए यह बैठक काफी अहम होने वाली है. जानकारी के मुताबिक आम चुनाव में मिली हार के बाद कल होने वाली बैठक में पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी पार्टी को लेकर कई बड़े फैसले ले सकती हैं. 

गौरतलब है कि आए दिन राजस्थान की कांग्रेस पार्टी में गुटबाजी नजर आती है इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि प्रदेश में पार्टी के बीच एकजूटता को लेकर भी सोनिया गांधी बैठक में कुछ अहम फैसले ले सकती हैं. हाल ही में राजस्थान में गृहमंत्री के पद को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म था लेकिन एक प्रेस वार्ता के दौरान अशोक गहलोत ने ये बात स्पष्ट कर दी थी कि राजस्थान में मुख्यमंत्री की कमान जो पूरी तौर पर उनके पास है तो फिर गृह मंत्री के तौर पर भी काम काज वे ही संभालेंगे.

साथ ही अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री की दौड़ में खुद को अनुभवी नेता बताते हुए जीत हासिल की थी. जहां एक बार फिर उन्होंने अनुभव के मामले में खुद को सचिन पायलट से बेहतर बताया था. जानकारों की माने तो राजस्थान कांग्रसे में आए दिन तनातनी की स्थिति सामने आती रहती है. जिससे राजस्थान में विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका मिल जाता है. इसलिए इस बैठक को लेकर ये कयास लगाए जा रहे हैं कि कुछ ऐसे फैसले किए जा सकते हैं जिससे राजस्थान सरकार एकजूट होकर काम करे और जनता के बीच कांग्रेस पार्टी के लिए उसका खोया हुुआ विश्वास वापस ला पाए.