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महाराष्ट्रा विधानसभा चुनाव जीतने की तैयारी में कांग्रेस, CM गहलोत और पायलट जमकर कर रहे प्रचार

वहीं सचिन पायलट को भी बतौर स्टार प्रचारक अलग-अलग चुनावी सभाओं में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी दी गई है. मुंबई क्षेत्र में 36 विधानसभा सीटों में से 29 पर कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारे हैं.

महाराष्ट्रा विधानसभा चुनाव जीतने की तैयारी में कांग्रेस, CM गहलोत और पायलट जमकर कर रहे प्रचार
फाइल फोटो

जयपुर: राजस्थान में कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाने वाले सियासत के जादूगरों पर एक बार फिर देश की नजर है. कांग्रेस को उम्मीद है कि सियासत के ये जादूगर महाराष्ट्र में भी जीत का परचम लहराएंगे और कांग्रेस की सरकार बनाएंगे. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे और राजस्थान के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा के कंधों पर पार्टी ने महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी है. 

ये दिग्गज नेता इन दिनों मुंबई में चुनावी रणनीति बनाने और धुआंधार चुनाव प्रचार करने में जुटे हैं. अविनाश पांडे और रघु शर्मा ने जहां रणनीति बनाने से लेकर कंट्रोल रूम और कोऑर्डिनेशन का जिम्मा संभाल रखा है. वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट उन इलाकों में चुनावी रैलियों को संबोधित कर रहे हैं जहां मारवाड़ी वोट बैंक है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जहां अपने तीन दिवसीय दौरे में 1 दर्जन से ज्यादा चुनावी सभाओं और डोर टू डोर जनसंपर्क कार्यक्रम में लगे हैं. 

वहीं सचिन पायलट को भी बतौर स्टार प्रचारक अलग-अलग चुनावी सभाओं में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी दी गई है. मुंबई क्षेत्र में 36 विधानसभा सीटों में से 29 पर कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारे हैं. इनमें भी 20 सीटें ऐसी हैं जहां पर मारवाड़ी वोट बैंक निर्णायक भूमिका में हैं. इन सीटों में बोरीवली, दहिसर मुलुंड, ईस्ट जोगेश्वरी, ईस्ट मलाड, ईस्ट अंधेरी और वेस्ट अंधेरी सीटों पर मारवाड़ी क्षेत्र के लोगों की संख्या इतनी है कि वह उस क्षेत्र के परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं.

अशोक गहलोत जहां राजस्थान के मारवाड़ी वोट बैंक में खासे लोकप्रिय हैं. वहीं सचिन पायलट की लोकप्रियता युवाओं में नजर आती है. मुंबई में वॉर रूम की जिम्मेदारी संभाल रहे अविनाश पांडे और चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा के पास राजस्थान के 28 नेताओं की टीम भी है. इनमें कोऑर्डिनेशन से लेकर चुनावी सभाओं का संचालन और विपक्ष के नेताओं के हमले से लेकर क्षेत्र के डेटा एनालिसिस और मीडिया मैनेजमेंट का जिम्मा है. 

इन चार दिग्गज नेताओं के अलावा महाराष्ट्र जाने वाले नेताओं की सूची में उच्च शिक्षामंत्री भंवर सिंह भाटी को गोरेगांव, सुरेश मोदी को भांडुप पश्चिम, पूर्व मंत्री महेंद्र जीत मालवीय को अंधेरी पश्चिम, विधायक वेदप्रकाश सोलंकी को अंधेरी पूर्व, पूर्व मंत्री रामलाल जाट को घाटकोपर, विधायक गोपाल मीणा को बांद्रा ईस्ट, पूर्व मंत्री मुरारी लाल मीणा को सियो कोलीवाड़ सीट का जिम्मा सौंपा गया है. इसके अलावा विधायक रफीक खान, कांग्रेस नेता रतन देवासी को भी मारवाड़ी बहुल सीटों पर कोऑर्डिनेटर बनाया गया है. जबकि कांग्रेस नेता अरुण कुमावत को वॉर रूम का कोऑर्डिनेटर पीसीसी महासचिव रूपेश कांत व्यास और प्रवक्ता विचार व्यास को कंट्रोल रूम में अहम जिम्मेदारी दी गई है.

इसमें कहीं कोई दो राय नहीं है कि हर बार की तरह इस बार भी महाराष्ट्र चुनाव में वहां रह रहे प्रवासी राजस्थानी मतदाताओं की भूमिका अहम होगी. इन्हीं मतदाताओं को पार्टी के पक्ष में लामबंद करने के लिए कांग्रेस ने राजस्थान के नेताओं को चुनाव प्रचार के लिए भेजा है. ऐसे में इन दिग्गज नेताओं के साथ राजस्थान के मंत्री विधायकों और पीसीसी पदाधिकारियों की एक टीम महाराष्ट्र के मुंबई क्षेत्र में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने में निर्णय भूमिका अदा कर सकती है.